राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआइ) की विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से करीब साढ़े तीन किलो सोने के साथ तस्कर को गिरफ्तार किया है। बाजार में इसकी कीमत करीब पौने दो करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई के बाद पटना डीआरआई की टीम आरोपित को साथ लेकर यहां से रवाना हो गई। डीआरआइ की टीम उससे पूछताछ कर सोने की तस्करी में शामिल तस्करों के बारे में पता कर रही है।

प्रारंभिक पूछताछ में सोना की तस्करी के बड़े नेटवर्क का पता चला है। डीआरआइ की टीम सोना तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। उसके पास से जब्त मोबाइल का भी डिटेल्स निकालकर आगे की कार्रवाई में विशेष टीम के अधिकारी जुटे हैं। बताया गया कि डीआरआइ के अधिकारियों को सूचना मिली कि एक ट्रेन से सोना लेकर तस्कर जा रहा है। सूचना के बाद पटना से पहुंची डीआरआइ की टीम ने मंगलवार की सुबह मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के एक नंबर प्लेटफार्म के पार्सल कक्ष के समीप यह कार्रवाई की।

गुपचुप तरीके से कार्रवाई कर निकल गई टीम
कहा जा रहा कि पटना डीआरआइ की टीम गुपचुप तरीके से कार्रवाई कर यहां से निकल गई। इसकी जानकारी स्थानीय आरपीएफ व जीआरपी को भी नहीं मिली। डीआरआइ के अधिकारी यह पता करने में जुटे हैं कि तस्कर बांग्लादेश या नेपाल के रास्ते सोना लेकर आया था। पूछताछ में आरोपित यूपी का रहने वाला बताया गया है। उसके पास से नकदी भी मिली है। चर्चा है कि आरोपित नेपाल के रास्ते रक्सौल से एक ट्रेन से यहां आया था। गिरफ्त से बचने के लिए उसने कई ट्रेनें बदलीं।

तस्करों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
इसके पूर्व भी ट्रेन व सड़क मार्ग से लाए जा रहे सोने व चांदी की भारी मात्रा में डीआरआइ की विशेष टीम द्वारा जब्ती की जा चुकी है। गिरफ्तार तस्करों के पूछताछ में यह पता चला था कि दिल्ली व बनारस में बैठे तस्करों के द्वारा सोने व चांदी की तस्करी कराई जा रही है। इनके नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय तस्करों से है। कहा जा रहा कि पकड़े गए तस्कर से पूछताछ पूरी होने के बाद उसे मुजफ्फरपुर डीआरआई के हवाले भी किया जा सकता है। इसके बाद ही अधिकारिक रूप से विशेष जानकारी दी जाएगी।

