बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। भुवनेश्वर के कलिंगा विश्वविद्यालय में 28 अप्रैल से होने वाली पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में शामिल होने से पहले ही विवि की टीम बोल्ड आउट हो गई। 20 अप्रैल तक इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए विवि की ओर से इंट्री भेजी जानी थी। खिलाड़ी इसके लिए 15 दिनों से विवि का चक्कर लगा रहे थे। अधिकारियों की लापरवाही से इंट्री नहीं भेजी जा सकी।

क्रिकेट टीम के चयनित खिलाड़ी विवि के स्पोर्ट्स सचिव डाॅ.अजीत कुमार से मिलने पहुंचे। डा.अजीत ने खिलाडिय़ों को कहा कि भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआइयू) को प्रतिवर्ष विभिन्न प्रतियोगिताओं में विवि की टीम की भागीदारी के लिए 50 हजार रुपये भेजने होते हैं। इसके लिए उन्होंने दो महीने पहले ही फाइल बढ़ाया था।

विकास शाखा से लेकर कुलसचिव कार्यालय तक फाइल एक जगह से दूसरी जगह घूमती रही, लेकिन राशि एआइयू को नहीं भेजी गई। ऐसे में समय से इंट्री भेजी जाती और खिलाड़ी प्रतियोगिता के लिए जाते भी तो उन्हें आयोजन में शामिल नहीं होने दिया जाता। खिलाडिय़ों ने कहा कि चयन प्रतियोगिता के लिए दूर-दूर से आए। खर्च और श्रम दोनों बेकार हो गया। चार और पांच मार्च को क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए चयन की प्रक्रिया एलएस कालेज में हुई थी।

चयन प्रतियोगिता पर खर्च हुए लाखों रुपये, आधा दर्जन टीम नहीं जा सकीं अलग-अलग विश्वविद्यालयों में होनेवाली खेल प्रतियोगिताओंं में शामिल होने के लिए विभिन्न कालेजों में चयन की प्रक्रिया की गई। खिलाडिय़ों के आने-जाने, आयोजन से लेकर मैदान को तैयार करने में लाखों रुपये खर्च हुए। इसके बाद भी आधा दर्जन प्रतियोगिताओं में बीआरए बिहार विवि की टीम शामिल नहीं हो सकी। वुशु, कबड्डी बालिका, हाकी, टेबल टेनिस पुरुष, खोखो की टीम बिना खेले ही प्रतियोगिता से बाहर हो गई।

राशि रहने के बाद भी खिलाडिय़ों के नाम पर बरत रहे कोताही विश्वविद्यालय के खाते में खेल मद में राशि उपलब्ध होने के बाद भी एआइयू की फीस नहीं दी जा रही। इसका खामियाजा खिलाडिय़ों को भुगतना पड़ रहा है। बिना फीस जमा किए ही बेंगलुरू में हो रही एथलेटिक्स के लिए विवि की टीम को भेज दिया गया। इस कारण वहां टीम को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

वहीं हरियाणा में हुई रेसलिंग प्रतियोगिता में जब टीम गई तो प्रतियोगिता से पहले इन्हें बाहर कर दिया गया। विवि की ओर से काफी आरजू-मिन्नत करने के बाद टीम को हिस्सा लेने दिया गया। वहीं मानव रचना विवि में शूटिंग टीम गई तो वहां भी खिलाड़ी को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्पोट्र्स सचिव डा.अजीत कुमार ने कहा कि एआइयू की फीस नहीं जमा होने के कारण विवि की क्रिकेट टीम कङ्क्षलगा नहीं जा सकी। इस प्रतियोगिता के लिए दो महीने पहले ही फाइल बढ़ाई गई थी। फाइल एक से दूसरे विभाग तक घूम रही है, जबकि विभाग के खाते में राशि उपलब्ध है।