मुजफ्फरपुर। शहरी क्षेत्र में हजारों मकान और लाखों की आबादी रहती है। इसकी पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर भू-जल का दोहन किया जाता है। वहीं, भू-जल रीचार्ज करने के उपायों की अनदेखी की जा रही है।
वर्षा जल संचय करने के लिए भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाना हो या परिसर में सोख्ता पिट का निर्माण करना, नगर निगम लापरवाह और शहरवासी उदासीन बने हैं। इसके गंभीर परिणाम हर साल शहरवासियों को भुगतने पड़ते है।
गर्मी आते ही शहर क्षेत्र में भू-जल का स्तर गिर जाता है। इससे पेयजल संकट की स्थिति बन जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने दो साल पहले जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत शहरी क्षेत्र स्थित सरकारी, निजी व वाणिज्यिक भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया था।
साथ ही आदेश दिया था कि इसका पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना के साथ उनके भवन सील किए जाएं। न तो सरकार के निर्देश का पालन हुआ और न किसी प्रकार की कोई कार्रवाई ही की गई।

