बिहार के टीचर का ये गाना दिल छू लेगा:ना जाना… जब धूप रहे तेज; गरम हवाएं चलने लगी हैं… छाता भी लगाओ

बिहार के एक टीचर का दिल छू लेने वाला वीडियो सामने आया है। वे गानों के माध्यम से बच्चों को लू से बचने का टिप्स दे रहे हैं। उनका गाना बॉलीवुड के गाने ‘जब दिल न लगे दिलदार’ की तर्ज पर है। इसके बोल कुछ इस प्रकार हैं, ‘न जाना न जाना, जब धूप रहे खूब तेज, तो बाहर न जाना, खुद को रखना घर में सहेज की बाहर मत जाना।’ बच्चों को गर्मी से बचाव की जानकारी देने का यह अनोखा प्रयोग लोगों को खूब भा रहा है।इसका वीडियो खूब शेयर भी किया जा रहा है। टीचर का यह प्रयोग शिक्षा विभाग में चर्चा का कारण बना हुआ है। समस्तीपुर के हसनपुर के मालदाह प्राथमिक कन्या विद्यालय के ये टीचर हैं। उनका नाम वैद्यनाथ रजक है, जो पानी की दो बोतल और हाथ में छाता लेकर बच्चों को लू से अलर्ट कर रहे हैं।

गाने से बच्चों को दे दिया व्यवहारिक ज्ञान
टीचर वैद्यनाथ रजक ने गाना से ही बच्चों को पूरी तरह से लू को लेकर अलर्ट कर दिया। राज्य में प्रचंड गर्मी है और वह इस गर्मी में मासूम बच्चों को बचाने के लिए बड़ा प्रयोग किया। शिक्षक वैद्यनाथ रजक ने बच्चों को लू का पाठ पढ़ाते हुए छात्रों से कहा कि मौसम लू का है और ऐसे मौसम में मासूमों को सबसे अधिक समस्या है। गले में पानी की दो बोतल लटकाए शिक्षक ने हाथ में छात्रा लेकर बचाव का हर टिप्स दिया। नान वेज नहीं खाने के साथ बाहर नहीं जाने के टिप्स दिए। भूखे कभी स्कूल नहीं आने से लेकर चेहरा ढकने और नीबू पानी पीने की बात को भी उन्होंने गाना से समझा दिया।

गाना से पढ़ा दिया बड़ा पाठ
वैद्यनाथ रजक का कहना है कि बच्चों को लू के बारे में आम तरीके से समझाया जाता तो वह नहीं समझ पाते। विषय बाेरिंग हो जाता, इस कारण से उन्हें लगा कि कुछ ऐसी ट्रिक अपनाई जाए जिससे बच्चों को मजा आए और वह लू और इससे बचाव के बारे में जान भी जाएं। वैद्यनाथ का कहना है कि बच्चों को काफी मजा आया और उन्होंने लू से बचाव के पूरे टिप्स जान लिए।

रुबी कुमारी ने भी बढ़ाया मान​
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बांका जिले के बौंसी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सरौनी की शिक्षिका रूबी कुमारी बिहार में पढ़ाई के नए ट्रिक को लेकर पूरे देश में चर्चा में रहती हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी उनकी प्रतिभा की तारीफ कर चुके हैं। खेल-खेल में बच्चों के साथ बड़े से बड़े सवाल सॉल्व करना हो या फिर छोटी छोटी बातों को हमेशा के लिए याद करना हो, रूबी का कोई जोड़ नहीं है। रूबी ऐसे ही ट्रिक से हमेशा चर्चा में रहीं हैं, अब तक शिक्षा विभाग से लेकर कई विभागों से पुरस्कार भी पा चुकी हैं। रूबी के बाद शिक्षकों में यह नया कांसेप्ट आया है जिससे नए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। बिहार ऐसे प्रयोग के लिए हमेशा चर्चा में रहा है।

दैनिक भास्कर से बातचीत में रूबी ने कहा टीचरों का हमेशा सम्मान होना चाहिए। जो ऐसा नया प्रयोग कर रहे हैं, सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान दिला रहे हैं, उनका सम्मान कर मनोबल बढ़ाना चाहिए।रूबी शिक्षक वैद्यनाथ के वीडियो से काफी प्रभावित हैं, उनका कहना है कि टीचर बच्चों को पढ़ाने में खुद को लीन कर देते हैं। वह बच्चों के लिए समर्पित हो जाते हैं, तब ऐसे प्रयोग होते हैं। रूबी का कहना है कि बिहार में ऐसे शिक्षकों की कमी नहीं है, जो बच्चों को बेहतर ढंग से समझाने और पढ़ाने के लिए हमेशा कुछ न कुछ प्रयोग करते रहते हैं।

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