वॉशिंगटन. अमेरिका में 2018 में मास शूटिंग की 30 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बाल्टीमोर पुलिस बायबैक कैम्पेन चला रही है। इसके तहत वह लोगों से अपने अवैध हथियार पुलिस को बेचने को कह रही है। पिछले तीन दिन में बाल्टीमोर पुलिस ने आम जनता से करीब दो हजार अवैध हथियार खरीदे हैं। शहर के मेयर के मुताबिक, लोग खुद भी पुलिस की इस योजना से जुड़ रहे हैं। एक आदमी ने रकम हासिल करने के लिए पुलिस को अपना रॉकेट लॉन्चर तक बेच दिया।
बंदूक सरेंडर करने वालों के नाम नहीं होंगे उजागर
ऑपरेशन के तहत अफसरों ने लोगों को बड़ी मैगजीन वाली बंदूक के लिए 25 डॉलर (1800 रुपए), हैंडगन और राइफल के लिए 100 डॉलर (7 हजार रु.), सेमी-ऑटोमैटिक राइफल के लिए 200 डॉलर (14 हजार रु.) और ऑटोमैटिक राइफल के लिए 500 डॉलर (35 हजार रु.) दिए। इसके साथ ही बंदूक सरेंडर करने वालों का नाम न उजागर करने की शर्त भी रखी गई।

मीडिया ने की कार्यक्रम की आलोचना
इस ऑपरेशन के लिए डिपार्टमेंट को सिटी काउंसिल की तरफ से 2.5 लाख डॉलर (1.7 करोड़ रुपए) मुहैया कराए गए थे। हालांकि, मीडिया ने पुलिस की इस मुहिम की आलोचना की है। बाल्टीमोर सन अखबार ने इसे पैसे, समय और संसाधनों की बर्बादी करार दिया।
अखबार ने लिखा, “पुलिस की इस तरह की बाय-बैक स्कीम लोगों के हाथों से बंदूक दूर रखने और गोलीबारी की घटनाओं को रोकने में बेअसर साबित होती हैं। जो लोग बदला लेने या अपने ड्रग्स का कारोबार बढ़ाने और गैंग को बचाने के लिए बंदूकें रखते हैं, वे इस तरह के अभियान के बाद भी सामने नहीं आते।’’
संविधान देता है बंदूक रखने का अधिकार
अमेरिका के संविधान का दूसरा संशोधन वहां के नागरिकों को बंदूक रखने का अधिकार देता है। फिलहाल देश में हर तीसरे अमेरिकी घर में एक बंदूक है।