नवादा में टार्च की रोशनी में चल रहा इलाज : बिजली कटने के बाद अस्पताल अंधेरे में डूबा

नवादा के रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में रविवार की देर शाम रजौली अचानक पूरे अस्पताल में बिजली गुल गई। इसके बाद अस्पताल में रहे मरीजों को 20 मिनट तक बिना बिजली का सामना करना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि अनुमंडलीय अस्पताल में लचर व्यवस्था के बीच मरीजों का इलाज किया जाता है।

नक्सल प्रभावित इलाका रजौली के अनुमंडल अस्पताल में बिजली गुल होने के बाद मोबाइल के टॉर्च में एनएम द्वारा दुर्घटना में घायल हुए लोगों का इलाज किया गया है। मामले पर अस्पताल के प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि जेनरेटर में प्रॉब्लम आया था। इसी वजह से थोड़ी ही देर के लिए बिजली गुल हुई है।

बताते चलें कि गया पथ एसएच 70 दुलरपुरा गांव के समीप बाइक और साइकिल का आमने सामने से टक्कर हुई जिसमें बाइक सवार और साइकिल सवार दोनों युवक बुरी तरह से घायल हो गए। दोनों घायल युवक को गस्ती में रहे एसआई उपेंद्र सिंह द्वारा उठाकर दोनों को आननफानन में अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया जहां बिजली गुल थी।

इसके बाद मोबाइल की रोशनी में दोनों युवक का प्राथमिक उपचार किया गया और उसके बाद चिंताजनक हालत में दोनों को सदर अस्पताल नवादा भेज दिया गया है। अनुमंडल अस्पताल का इसको व्यवस्था को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है।

घायल के परिजन से लेकर स्थानीय लोग भी इसको लेकर कड़ी निंदा कर रहे हैं आखिर इतने बड़े अस्पताल में बिजली कटने के बाद कोई अल्टरनेट व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मोबाइल की रोशनी पर कितना दिन कितने मरीजों का इलाज किया जाएगा।

 

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