मुजफ्फरपुर। अक्षय तृतीया का महापर्व मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र में मनाई जाएगी। करीब 30 वर्ष बाद मंगल रोहिणी नक्षत्र में अक्षय तृतीया का शुभ योग बना है। खरीदारी का शुभ मुहूर्त सुबह 7 से रात्रि 9:11 बजे तक माना जा रहा है। इसको लेकर आभूषण मंडियों में चहल-पहल बढ़ गई है।
इस त्योहार को भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। इसी दिन शादियों के अनेक मुहूर्त हैं। अक्षय तृतीया को ‘आखा तीज’ भी कहा जाता है।
हिंदू पंचाग के अनुसार अक्षय तृतीया वैशाख मास में आने वाले शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पंडित योगेंद्र शास्त्री का कहना है कि इस दिन किया गया कार्य पूरी तरह सफल होता है और शुभ कार्यों को अक्षय फल प्रदान करता है, इसलिए इसे अक्षय तृतीया कहते हैं।
कोरोना काल के बाद इस बार इस शुभ संयोग में लोग यहां पूजा-पाठ और दान-पुण्य करेंगे। शादी विवाह, यज्ञोपवित संस्कार सहित भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाएगी।

