फुलवारीशरीफ. पटना के राजद कार्यालय में गुरुवार को जनता दरबार में आई एक महिला मंजू लता की शिकायत के संबंध में पूर्व मंत्री तेजप्रताप ने फुलवारीशरीफ थाना इंस्पेक्टर कैसर आलम पर बदतमीजी से बात करने का आरोप लगाते हुए भड़क गए। वह अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ फुलवारीशरीफ थाने पहुंच धरना पर बैठ गए। करीब एक घंटे कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर नारेबाजी की। पीड़ित महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने के बाद तेजप्रताप यादव थाने से निकले और इंस्पेक्टर कैसर आलम के निलंबन की मांग करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी बात करेंगे।
थाने में मिलीं शराब की बाेतलें
तेजप्रताप ने यह भी कहा कि थाने में शराब की बोतल कहां से आई। पुलिस का कहना है कि थाना में जो बोतलें तेजप्रताप ने देखी, वह जब्त की हुई बोतलें हैं, जिन्हें कोर्ट में सुपुर्द किया जाना है। तेजप्रताप ने मीडिया से बात करते हुए बिहार पुलिस को नसीहत देते हुए कहा कि सुधर जाइए अब राजद का शासन आने वाला है।

6 महीने पहले दर्ज नहीं की गई थी एफआईआर
आरजेडी कार्यालय में जनता दरबार लगा कर तेजप्रताप यादव शिकायत सुन रहे थे। इसी दौरान फुलवारीशरीफ की एक महिला फरियाद लेकर पहुंची। महिला ने कहा- वह थाने में एफआईआर दर्ज कराने गई थी लेकिन थानाध्यक्ष ने बदसलूकी करते हुए एफआईआर दर्ज नहीं किया। मंजू लता पलंगा की रहने वाली है और उसकी बड़ी बहन सुषमा देवी की करीब 14 साल पहले टमटम पड़ाव के पास संगत पर रहने वाले हरेंद्र कुमार से शादी हुई थी। मंजू लता और उसकी मां मुन्ना देवी करीबी छः माह पहले फुलवारीशरीफ थाना आई थी तो उसका एफआईआर नहीं दर्ज किया गया। वहीं हरेंद्र ने थाना में 21 मई 2018 को अपनी पत्नी सुषमा के गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। वहीं सुषमा के परिजन हरेंद्र पर ही जलाकर हत्या करके लाश गायब करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराना चाह रहे थे। इसी शिकायत को लेकर मंजू लता जनता दरबार में पहुंची थी। तेजप्रताप ने फुलवारीशरीफ थानेदार इंस्पेक्टर कैसर आलम से मोबाइल पर बात की। तेजप्रताप का कहना है कि थानेदार ने उनसे बदतमीजी से बात की और कहा- कौन तेजप्रताप, मैं किसी तेजप्रताप को नहीं जानता। इस पर तेजप्रताप भड़क गए। वे थाना परिसर में पहुंचे और धरना पर बैठ गए। थानेदार के कार्यालय में तेजप्रताप और थानेदार के बीच गर्मागर्म बहस हुई।
थानेदार बोले- मैंने नहीं की है कोई भी बदतमीजी
इंस्पेक्टर कैसर आलम ने बताया कि उन्हें जब पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने कॉल किया तो उन्होंने उनसे कोई बदतमीजी से बात नहीं की बल्कि उन्होंने बताया कि इस तरह का मामला मेरे पास नहीं आया है। यह मामला करीब छः माह पहले का है, जब वे यहां थानेदार भी नहीं थे। उन्होंने महिला से यह भी कहा की आप मेरे पास आइये आपकी शिकायत दर्ज की जाएगी।