लखनऊ के निगोहा के पूरे अहिया गांव निवासी सिपाही हरिनारायण त्रिवेदी की गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस वक्त सिपाही जेल के बाहर क्रासिंग के पास ठेले पर सब्जी खरीद रहा था। इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सिपाही की हत्या के बाद गुरुवार देर रात जेल में एडीएम मनोज कुमार की अगुआई में छापेमारी हुई। साथ में पुलिस बल, पीएसी व एसटीएफ भी थी। जेल की बैरक में की सघन तलाशी के दौरान तमाम अवैध सामग्री बरामद हुई है। बैरक संख्या आठ में बंद हब्बू सरोज, सेबू, पिंटू समेत कई बड़े अपराधियों से पूछताछ हुई।
परिजनों ने आईजी मोहित अग्रवाल से मुलाकात की और बताया कि, ट्रांसफर होकर आए बन्दी रक्षक सन्त प्रसाद मिश्र से ड्यूटी लगाने को लेकर बीते दिनों विवाद हुआ था। जिसमें देख लेने की बात आई थी। आईजी के निर्देष पर नगर कोतवली में दो अज्ञात और सिपाही सन्त प्रसाद मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

6 साल में 5 पुलिसकर्मियों की हो चुकी है हत्या
प्रतापगढ़ में पुलिसकर्मी अपराधियों के निशाने पर हैं। यहां बीते छह सालों में पांच पुलिसकर्मियों की हत्या हो चुकी है। सिपाही हरिनारायण हत्याकांड के खुलासे के लिए एसटीएफ लगाया गया है। आईजी जेल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि हत्यारों की उम्र 18 से 20 साल के बीच है। एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया गया है। जिसमें बाइक सवार दो युवक मुंह को छिपाए हुए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
जेल एसोसिएशन अध्यक्ष ने जताया आक्रोश
यूपी जेल एसोसिएशन की अध्यक्ष और बरेली जिला की जेलर हर्षिता मिश्रा ने प्रतापगढ़ के बंदी रक्षक हरिनारायण की हत्या पर आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा यूपी की कानून व्यवस्था तबाह हो गई है। गुंडा राज बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बंदी रक्षक के हत्यारों की फौरन गिरफ्तार करने और मृतक के परिजनों को सम्मान जनक धनराशि देने की गुहार राज्य सरकार से