मुजफ्फरपुर। मुशहरी थाना क्षेत्र में आथर पुल विभागीय उदासीनता से दो की जगह करीब छह साल में भी पूर्ण नहीं हो सका है। इस बीच प्राक्कलन से अधिक राशि भी खर्च हो चुकी है। समय-समय पर एस्टीमेट रिवाइज भी कराया गया है। वहीं कई किसानों को अभी तक जमीन का मुआवजा भी नहीं मिल सका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अगर एक-दो माह में कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो बाढ़ आने पर कोई कार्य नहीं हो सकेगा। इस पुल का पहुंच पथ करीब ढाई वर्षों में अधूरा है। हर वर्ष बाढ़ आने पर भरी गई मिट्टी का क्षरण हो जाता है। कार्य एजेंसी गणेश राम दुकनिया (जीआरडी) भी इस स्थल से अपना सारा सामान व मशीन उठाकर दूसरी साइड पर ले जा चुकी है।
वहीं, एजेंसी ने जिन लोगों से पेटी कांट्रेक्ट पर मिट्टी भरवाई, बोल्डर पिचिंग और पहुंच पथ का काम कराया उसका भी करीब 70 लाख रुपये अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। ये सभी एजेंसी के अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं।
वहीं, पुल निर्माण निगम की लेटलतीफी से अभी तक उमेश सहनी, दसई सहनी, योगेंद्र राय, बीना देवी, निर्मला देवी आदि की भूमि का मुआवजा तक नहीं मिल सका है।
मालूम हो कि काफी मशक्कत के बाद इस पुल निर्माण का काम दिसंबर 2014 में शुरू हुआ था। इसे दो वर्ष में इसे पूर्ण करने का एग्रीमेंट हुआ था। अभी तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। कार्यपालक अभियंता एके गुप्ता ने कहा की, वित्तीय वर्ष समाप्ति के बाद राशि का आवंटन नहीं होने से कार्य नहीं हो सका है। विभाग में राशि आवंटन के लिए पत्राचार किया गया है।
