मुजफ्फरपुर। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक फ्रंट की ओर से प्रांतीय सम्मेलन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे बिहार से भूमिहार समाज के लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान फ्रंट के सदस्यों ने भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक फ्रंट के एकीकरण, सर्वांगीण विकास और संगठन को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर फ्रंट के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार ने भूमिहार समाज के लोगों को आपसी द्वंद्व व टकराव को छोड़कर एकजुट होने का आह्वान किया। अगली पीढ़ी के लिए कुछ करने के लिए आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन में कैसे एकजुट हो, कैसे आपसी द्वंद्व समाप्त करें इस पर चर्चा की गई है। बिहार और देश के कुछ राजनीतिक पार्टी हमें इतना कमजोर दिया कि आज सामाजिक रूप से हमें लोग कमजोर समझने लगे है।
आवश्यकता है आज हमलोग संगठित होकर जवाब दें। हमारे बीच जो ऊर्जा, क्षमता, ताकत व साहस है इसका विकल्प इस धरती पर नहीं है। उन्होंने सर्वसम्मति से बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह को भारत रत्न की देने की मांग की।
साथ ही गया केंद्रीय कारा का नामकरण स्वतंत्रता आंदोलन के शहीद स्व. बैकुंठ शुक्ला के नाम पर करने का प्रस्ताव पारित किया गया। फ्रंट भूमिहार समाज के कमजोर लोगों को हरसंभव सहयोग करेगा। जिससे वे आगे बढ़ सकें।
राज्य के पूर्व मंत्री व इस फ्रंट के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि सबसे पहले समाज है फिर कोई भी राजनीतिक दल। इस समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है।
सामाजिक उत्थान में इस समाज ने सबसे आगे आकर अपना योगदान किया है। इसलिए कोई भी जाति या धर्म अछूत नहीं है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में अगले लोकसभा चुनाव 2024 व बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उन्हीं राजनीतिक पार्टियों को सहयोग देने का निर्णय लिया गया, जहां इस समाज के लोगों को सम्मान मिलेगा। इस मौके पर फ्रंट के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष वीणा शाही, सुधीर शर्मा, संगठन मंत्री धर्मवीर शुक्ला सहित समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।



