समस्तीपुर । ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को काम उपलब्ध कराने की सबसे महत्वपूर्ण योजना मनरेगा संचालित की जा रही है। इसका मुख्य मकसद अधिक से अधिक परिवारों को साल में कम से कम सौ दिन काम की गारंटी उपलब्ध कराना है। इसके लिए सरकार की ओर से ऐसे मजदूरों का जॉब कार्ड भी बनवाया गया है।
मजदूरों के द्वारा काम मांगने पर उन्हें स्थानीय स्तर पर हर हाल में सरकारी पदाधिकारी को काम उपलब्ध कराना है।
लेकिन सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल यानि वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले के महज 616 लोगों को ही सौ दिन काम काम उपलब्ध कराया गया है। जबकि जिले में 1 लाख 53 हजार 912 व्यक्तियों को जॉब कार्ड मिला हुआ है। त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत मनरेगा का कार्य संचालित किया जाता है।



