मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिला निवासी जियाउद्दीन पर किस्मत कुछ ऐसे मेहरबान हुई कि वे करोड़पति बन गए। लगा सबकुछ बदल जाएगा। जिंदगी में बहार ही बहार होगी, लेकिन किस्मत का खेल यहीं खत्म नहीं हुआ। एक और खेल उसके साथ हुआ। उसके बाद फिर से वह कं’गाल हो गया।

दअसल, आनलाइन गेम खेलकर करोड़पति बने एक युवक को चार दिन के अंदर ही सा’इबर ठ’गों ने कं’गाल बना दिया। उसने पुलिस को आवेदन देकर का’र्रवाई की गु’हार लगाई है। मामला बाबूबरही अंचल के छौरही गांव का है। यहां के निवासी 30 वर्षीय जियाउद्दीन चेन्नई स्थित लेदर कंपनी में काम करते हैं। वह महज अपना नाम लिख पाते हैं।
कंपनी में अन्य कर्मचारियों से मोबाइल पर ड्रीम 11 गेम खेलने के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने दो माह पहले गेम खेलना शुरू किया था। बीते 28 अप्रैल को विजेता बने। इसपर एक करोड़ 139 रुपये का इनाम मिला। टैक्स का’टकर उनके वालेट एकाउंट में 70 लाख 167 रुपये 50 पैसे आए थे।
दो मई को एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करनेवाले ने अपने आप को ड्रीम 11 का कर्मचारी बताया। इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक ओटीपी आया। उस कर्मचारी ने बातों में ब’हकाकर ओटीपी नंबर मांग लिया। इसके बाद एक लाख 90 हजार 20 लाख और 40 लाख रुपये वालेट से कट गए।
तीन किस्तों में कुल 61 लाख 90 हजार रुपये की निकासी सा’इबर ठ’ग ने कर ली। वालेट में आठ लाख नौ हजार 785 रुपये बचे। कुछ देर बार दोबारा एक और ओटीपी आया। फिर फोन कर मांगा गया तो जियाउद्दीन ने नहीं बताया। इसके बाद उनका वालेट ब्लाक हो गया।
इतना ही नहीं उसके मोबाइल के जिओ सिम को एयरटेल में परिवर्तित कर किसी अनजान व्यक्ति के अपने नाम से करा लिया है। जियाउद्दीन का कहना है कि उनका बैंक एकाउंट पैन कार्ड व आधार से लिंक नहीं था, इस कारण वे जीती इनामी राशि उसमें ट्रांसफर नहीं कर पाए। उन्होंने अपनी पत्नी का पीएनबी का एकाउंट वालेट से जोड़ना चाहा तो फोन कर ऐसा नहीं करने की ध’मकी दी गई। इसके बाद उनका वालेट ही ब्लाक हो गया। जियाउद्दीन स्थानीय थानेदार के पास गए तो वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने एसपी के नाम आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। बाबूबरही थानेदार राहुल कुमार का कहना है कि मामला चेन्नई और हैदराबाद से जुड़ा हुआ है। वालेट से रुपये की निकासी वहीं से हुई है। पीड़ित को वहीं के सा’इबर सेल में शिकायत करने को कहा गया है।
