बगहा। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के रोहुआ टोला गांव के समीप पटिरहिया जंगल से सटे नाले से वन विभाग की टीम ने एक मादा तेंदुए का श’व बरामद किया है। तेंदुए की मौत करीब दो तीन दिन पहले होना बताया जा रहा है। भूख व प्यास की वजह से मौ’त की आशंका वन विभाग कर रहा है।
वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के रोहुआ टोला गांव के समीप शुक्रवार की सुबह तेंदुए के श’व को देखकर ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी घ’टनास्थल पर पहुंचे और श’व का पोस्टमार्टम कराया। चिकित्सक मनोज कुमार टोनी ने बताया कि पो’स्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तेंदुए की मौ’त का कारणों का पता चलेगा।
तेंदुए के अन्य अंगों के सैंपल को जांच के लिए पटना व बरेली भेजा जा रहा है। आशंका जताई है कि तेंदुए की मौ’त भूख-प्यास की वजह से हुई होगी। घ’टना की सूचना पर डीएफओ अमरीश मल्ल, एसीएफ अमिता राज, वाल्मीकिनगर रेंजर महेश प्रसाद भी मौके पहुंचे।
बीते दिनों कालेश्वर जंगल में एक बाघ के शावक की मौ’त हो गई थी। बेहतर माहौल होने के कारण यहां तेंदुओं की संख्या में इजाफा भी हुआ है, लेकिन तेंदुआ की मौ’त ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है।
जंगल की सुरक्षा करने वाले बीट गार्ड ड्यूटी के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। जिसका नतीजा तेंदुआ की मौ’त के रूप में सामने आया है।
बीट गार्ड की ला’परवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तेंदुए की मौ’त होने के बाद ग्रामीणों द्वारा ही वन अफसरों को सूचना दी गई। जबकि जंगल में घूमने की जिम्मेदारी वन रक्षियों की होती है।
