त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव देव ने इस्तीफा दे दिया है। राज्य में फरवरी 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले देव के इस्तीफे को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें तेज है। बिप्लव देव ने 2 दिन पहले ही अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की थी। हाल ही में अमित शाह ने कहा था कि हम नए चेहरे के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे।

इस्तीफा देने के बाद क्या बोले विप्लव देव
त्रिपुरा मुख्यमंत्री विप्लव देव ने कहा कि हाईकमान ने मुझपर भरोसा जताया था और अब इस्तीफा देने के लिए कहा गया, तो मैंने इस्तीफा दे दिया है। इस बारे में मैंने पीएम मोदी और अमित शाह से बात कर ली है।

उन्होंने कहा कि अभी चुनाव में देरी है, नए मुख्यमंत्री 2023 की तैयारी के मद्देनजर बनाए जाएंगे। इधर, भाजपा ने भूपेंद्र यादव और विनोद तावड़े को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

अप्रैल 2022 में त्रिपुरा में बिप्लव देव के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के 4 साल पूरे हुए हैं। वहीं पार्टी इस बार पिछले बार के लोकप्रिय नारे ‘चलो पलटाईं’ से किनारा करते हुए विकास के कामों पर जनता के बीच जाने की योजना बना रही है।

2018 में बनी थी भाजपा सरकार
त्रिपुरा में 2018 में पहली बार भाजपा की सरकार बनी थी, जिसके बाद देव को मुख्यमंत्री बनाया गया था। सूत्रों के मुताबिक पिछले महीने करीब 14 भाजपा के विधायकों ने गुट बनाकर हाईकमान से शिकायत की थी। हालांकि, उस वक्त कोई फैसला नहीं लिया गया था।
