खगड़िया: बिहार के सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित जिलों में खगड़िया शामिल हैं। अब बाढ़-बरसात का मौसम आने वाला है। सबसे पहले कोसी और बागमती उफनाती हैं। खगड़िया में कोसी, बागमती की बाढ़ से बचाव को लेकर बांध-तटबंधों की लंबी श्रृंखला है। इनमें कराचीन-बदलाघाट तटबंध, बदला-नगरपाड़ा तटबंध, चोढ़ली जमींदारी बांध, तेलिहार जमींदारी बांध आदि शामिल हैं। इन बांध-तटबंधों के संवेदनशील बिंदुओं पर बाढ़ पूर्व कटाव निरोधक कार्य जारी है। चार स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। मालूम हो कि 15 मई तक ही कार्य पूर्ण किया जाना था। लेकिन विभाग ने विस्तारीकरण करते हुए तिथि 15 जून तक बढ़ा दी है।
बागमती नदी के तीन और कोसी के एक स्थल पर कार्य पूर्ण हो चुका है। बागमती नदी पर बीएन तटबंध के 4.50-5.00 किलोमीटर स्थित मालपा स्थल पर कार्य पूर्ण हो चुका है। जबकि बागमती पर ही लगमा भरपुरा जमींदारी बांध के एक से दो किलोमीटर के लगमा स्थल, बीएन तटबंध के नौ किलोमीटर के सामने चौथम स्थल पर भी कार्य पूरा कर लिया गया है। कोसी नदी के तेलिहार जमींदारी बांध के डेढ़ से ढाई किलोमीटर के बीच ठाकुरबासा के पास भी कार्य पूर्ण है।
बीएन तटबंध के 23 किलोमीटर के सामने फुलबडिय़ा स्थल, 24 किलोमीटर के पास लौंगा, 31-32 किलोमीटर वीरवास स्थल पर युद्धस्तर से कार्य जारी है। ये सभी कार्य कोसी की बाढ़-कटाव से बचाव को लेकर किए जा रहे हैं।
कोसी नदी पर ही चोढ़ली जमींदारी बांध के पास तीन से चार किलोमीटर पचाठ स्थल, 12-13 किलोमीटर बारुण स्थल के समीप भी कार्य चल रहा है।
इन जगहों पर दो तिहाई कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-दो, खगड़िया के कार्यपालक अभियंता गणेश प्रसाद सिंह ने बताया कि विभाग ने कार्य अवधि का विस्तारीकरण 15 जून तक कर दिया है। लेकिन उम्मीद है कि 25 मई तक ही कार्य पूरा हो जाएगा। मालूम हो कि जून के प्रथम सप्ताह में कोसी नदी में ललपनिया(लाल पानी) उतर जाता है।

