नगर निगम प्रशासन मेयर राकेश कुमार से 360 लीटर डीजल की कीमत वसूल करेगा। नगर आयुक्त ने बहलखाना प्रभारी से जवाब तलब किया था कि विभागीय निर्देश के मुताबिक मेयर व डिप्टी मेयर को गाड़ी सुविधा मुहैया नहीं है।

इसके बावजूद उनके नाम पर ईंधन (डीजल) का आवंटन क्यों हुआ। इसपर मेयर के खिलाफ बहलखाना प्रभारी ने नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय को रिपोर्ट की है। इसमें कहा है कि दबाव बनाकर तेल का आवंटन कराया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि डिप्टी मेयर ने तेल नहीं लिया है।

इस तरह नगर आयुक्त ने मेयर से डीजल की राशि वसूलने का निर्देश दिया है। यदि मेयर राशि नहीं देंगे तो बहलखाना प्रभारी को अपनी जेब से 360 लीटर डीजल की कीमत करीब 36 हजार रुपये अदा करनी पड़ सकती है। इस आदेश के बाद नगर निगम में नगर आयुक्त और मेयर के बीच चल रहे द्वंद्व में एक कड़ी और जुड़ गई है। इससे नगर निगम का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

नगर आयुक्त ने बताया कि विभाग ने 2019 में ही निर्देश जारी किया था कि मेयर व डिप्टी मेयर को सरकारी खर्च से गाड़ी अथवा उनकी निजी गाड़ी में ईंधन का आवंटन नहीं किया जा सकता है, लेकिन विभागीय निर्देश के विपरीत बीते 12 अप्रैल को हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि मेयर व डिप्टी मेयर को शहर भ्रमण के लिए जरूरत के मुताबिक ईंधन का आवंटन किया जाए।

इस निर्देश के बाद मेयर की गाड़ी के लिए 360 लीटर डीजल का उठाव किया गया है। यह आवंटन विभागीय निर्देश के विपरीत है। इसपर ऑडिट आपत्ति होगी। इसलिए राशि वसूली के लिए निर्देश जारी किया गया है। राशि वसूली नहीं होने पर चुनाव के लिए मेयर को एनओसी पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।

इधर, मेयर राकेश कुमार ने कहा कि सशक्त स्थायी समिति की बैठक में सभी सदस्यों ने सहमति से प्रस्ताव पारित किया था। इसमें नगर आयुक्त भी मौजूद थे। तब विभागीय निर्देश के संबंध में कुछ जानकारी नहीं दी गई थी। वैसे चालक ने कितने लीटर डीजल उठाव किया है, इसकी जानकारी नहीं है।