पश्चिम चंपारण। वीटीआर के जंगल से बाहर निकल रिहायशी क्षेत्र में बीते रविवार से डेरा डाले दोनों भालुओं ने सोमवार की सुबह खेत में खाद डालने गए दो किसानों पर ह’मला कर दिया। जिससे वे घायल हो गए। दोनों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी। रिहायशी क्षेत्र में भालुओं के पहुंचने से ग्रामीण द’हशत में है।
गोबर्द्धना थाना क्षेत्र के बलुआ बखराहा गांव निवासी 47 वर्षीय जुनी उरांव व घोड़हिया गांव निवासी 39 वर्षीय राजेन्द्र उरांव सोमवार की सुबह अपने-अपने खेतों में खाद डालने के लिए गए थे। तभी पीछे से भालुओं ने ह’मला कर दिया। जिससे उनके शरीर व पैर पर चो’ट लग गयी। खेत की ओर पहुंचे अन्य लोगों के शोर मचाने के बाद भालू वहां से भागे। स्वजन की मदद से दोनों को रामनगर पीएचसी लाकर प्राथमिक इलाज कराया गया। जहां मौजूद चिकित्सक डॉ मो. एमडी काजिम ने इलाज किया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रभूषण ने बताया कि दोनों को प्राथमिक उपचार कर छुट्टी दे दी गई है।
स्थानीय अब्दुल मजीद ने बताया कि सरेह में मौजूद लोगों ने आकर दोनों को भालुओं के चं’गुल से छु’ड़वाया। नहीं तो बड़ी घ’टना हो सकती थी। बीते रविवार से वीटीआर जंगल के किनारे स्थित डुमरी गांव में दो भा’लुओं को देखा गया था।
वनकर्मियों ने इसके लिए आसपास के गांवों में मुनादी कर लोगों को सु’रक्षित रहने की अपील की, लेकिन रि’हायशी क्षेत्र को छोड़ने के बदले वे लगभग पांच किमी भीतर आकर सोमवार की सुबह ह’मला कर दिया।
बता दें कि इसी साल 17 जनवरी को एक भालू के हमले में मचंगवा बरवा गुरेड़ा नाथ निवासी राजबली नाथ की 18 साल की पुत्री पूनम कुमारी जख्मी हो गई। जिसका प्राथमिक उपचार रामनगर पीएचसी में हुआ। जहां से उसको रे’फर कर दिया गया था।
