पटना : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। रेलवे नियुक्ति घोटाले में सीबीआइ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जांच कर सकता है। ईडी की कार्रवाई मनी लांड्रिंग के तहत संभावित है।
हालांकि, उसके अधिकारी इस मामले में फिलहाल बोलने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार लालू प्रसाद के कार्यकाल में हुए रेलवे टेंडर घोटाले की जांच पूर्व से प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है। इस मामले में पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र में आने वाली लालू प्रसाद की जमीन जब्त भी हो चुकी है।
इस जमीन पर मॉल बन रहा था। टेंडर घोटाले के बाद लालू प्रसाद व उनके स्वजनों के ठिकानों पर जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने के आ’रोप में सीबीआइ के छापे पड़ चुके हैं। इस मामले में लालू प्रसाद समेत परिवार के चार सदस्य और नौकरी पाने वाले 12 लोगों को आ’रोपित बनाया गया है।
टेंडर घोटाले में मिली कामयाबी को आधार बनाकर नियुक्ति घो’टाले में ईडी की कार्रवाई को संभावित बताया जा रहा है। प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच प्रारंभ की तो लालू प्रसाद के साथ उनकी पत्नी राबड़ी देवी, दो पुत्री मीसा और हेमा यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

