पटना। उच्च शिक्षा की राह में बिहार के हजारों छात्रों की आर्थिक स्थिति बाधा बन जाती है। ऐसे ही छात्रों के लिए बिहार सरकार ने करीब छह वर्ष पहले स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की। यह योजना काफी प्रभावी भी साबित हो रही है। इसमें कुल 42 तरह के कोर्स के लिए सरकार चार लाख रुपये तक का लोन देती है। सात निश्चय योजना के तहत बिहार सरकार ने दो अक्टूबर 2016 को इस योजना की शुरुआत की थी। यह सीएम नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना है।
अब तक हजारों छात्र इसके माध्यम से अपना भविष्य संवार चुके हैं। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बिहार के वैसे छात्र जो 12वीं पास कर चुके हैं। जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। जिन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन लिया है। और जिनकी उम्र 25 वर्ष से कम है, चार लाख रुपये तक लोन ले सकते हैं। इस योजना के तहत मिली राशि का उपयोग कोचिंग की फीस, कालेज फीस, लैपटाप, हास्टल सुविधा के किया जा सकता है।
देश के किसी भी संस्थान में छात्र इस योजना के पैसे से पढ़ाई कर सकते हैं। बस उस संस्थान का नाम योजना की सूची में शामिल रहना चाहिए। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का लोन कोर्स पूरा करने के एक साल के अंदर चुकाना पड़ता है। इसमें एक शर्त यह है कि गिर कोर्स पूरा करते ही नौकरी लग जाती है तो छठे महीने से ही ब्याज चुकाना होगा, अन्यथा एक साल तक ब्याज से छूट रहती है।
सामान्य छात्रों के लिए ब्याज दर चार प्रतिशत है। महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर के लिए यह महज एक प्रतिशत है। लोन चुकता करने के लिए सरकार भरपूर समय भी देती है। दो लाख तक का लोन चुकता करने के लिए 60 महीने और इससे अधिक के लोन को 84 मासिक किस्तों में चुकाने की सुविधा है।

