मुजफ्फरपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठ’गी करने वाले आ’रोपित को नगर थाने की पुलिस ने गि’रफ्तार किया है। पूछताछ में उसकी पहचान काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के सादपुरा के रंजीत चौधरी के रूप में हुई है। नगर थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि पूछताछ में उसने अपना अ’पराध कबूल किया। इसके बाद उसे न्यायिक हि’रासत में भेज दिया गया। साथ ही पूछताछ में और कई लोगों को जा’ल में फं’साकर ठ’गी की बात सामने आई है। इसके लिए आ’रोपित के मोबाइल का कॉल डिटेल्स खं’गालकर आगे की का’र्रवाई की जा रही है।
बता दें कि बालूघाट बांध रोड इलाके की इंजीनियरिंग की छात्रा रिद्धि झा से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 4.48 लाख की ठ’गी कर ली गई थी। मामले में मार्च में छात्रा की मां रिंकू झा ने नगर थाने में प्रा’थमिकी दर्ज कराई थी। कहा था कि उनके पति मुंबई में एक टेक्सटाइल कंपनी में काम करते हैं।
बालूघाट स्थित अपने मकान में वह दो बेटियों व एक बेटे के साथ रहती हैं। बड़ी बेटी इंजीनियरिंग कर नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी बीच उन्हें पता चला कि उनके भाई राजीव मिश्रा के साले भरत झा का रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए किसी से संपर्क हुआ है। उसे ज्वाइनिंग लेटर भी मिल गया है। इसके बाद रिंकू झा ने बेटी ऋद्धि की नौकरी लगवाने के लिए भरत से बात की। इस पर भरत ने बताया कि उसे आठ लाख रुपये इसके लिए देने पड़े हैं।
भरत झा से सारी जानकारी लेने के बाद उन्होंने संबंधित लोग समस्तीपुर मुकुंदपुर कर्पूरी गांव के धीरज कुमार, काजीमोहम्मदपुर थाना के सादपुरा के अतुल कुमार आयुष, रंजीत चौधरी से संपर्क किया। उन सभी ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये की मांग की। इसके बाद रिंकू झा ने नकद व बैंक खाते के जरिए 4.48 लाख रुपये उन्हें दे दिए। समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी।
इसी बीच उन्हें पता चला कि भरत झा को भी नौकरी नहीं हुई है। तब महिला द्वारा पैसे की मांग की जाने लगी। इस पर आ’रोपित टाल म’टोल करने लगे। पुलिस का कहना है कि एक आ’रोपित की गि’रफ्तारी की गई है। अन्य आ’रोपितों की गि’रफ्तारी को लेकर छा’पेमारी की जा रही है।
