दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय मुख्यालय पर संबद्ध महाविद्यालय संघर्ष समिति ने बुधवार को अपनी मांगों के समर्थन में समिति के अध्यक्ष सह जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राम मोहन झा की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन किया। डॉ. झा ने कहा कि हम अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारी पहली मांग यह है कि विवि तत्काल संबद्ध कॉलेजों में तृतीय व चतुर्थ वर्गीय पदों का सृजन करे।

सभी संबद्ध कॉलेजों के शासी निकाय द्वारा विवि के पत्र के आलोक में तृतीय तथा चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के पद को अनुमोदन कर विवि भेजा जा चुका है परन्तु विवि ने अभी तक पद सृजन की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। उन सभी पदों को अविलंब सृजित करने व विवि अंतर्गत सभी संबद्ध कॉलेजों के शासी निकाय द्वारा चयन समिति हो चुके सहायक प्राध्यापकों का पद के साथ अनुमोदन कर विवि भेजा जा चुका है।

उन्हें अविलंब विवि द्वारा अनुमोदित कर अधिसूचना जारी कर उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर देते हुए संबंधित महाविद्यालयों को भेजा जाए। इन मांगों को लेकर कई बार स्मार पत्र भी दिया गया परन्तु एक साल से विवि प्रशासन यही कहता आ रहा है कि हम दोनों मांगों का समर्थन करते हैं तथा जल्द दोनों मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। यदि 30 मई तक इन दोनों मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो अनवरत आंदोलन शुरू किया जाएगा।

मिथिला राज्य निर्माण सेना के महासचिव राजेश कुमार झा ने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन होना चाहिए। मिथिला विवि में मिथिला क्षेत्र के ही शिक्षाविद की कुलपति के रूप में नियुक्ति होनी चाहिए। विधान परिषद सदस्य डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि संबद्ध कॉलेजों की समस्याओं के बारे में कई बार विधान परिषद में उठाया हूं। विधान परिषद में कमेटी भी बनी, एकमुस्त अनुदान व घाटा अनुदान के बारे में सहमति भी बनी परन्तु सरकार की उदासीनता के कारण कोई परिणाम नहीं निकला।

धरने को रजनीकांत पाठक ने भी संबोधित किया। धरने के बाद एक प्रतिनिधिमंडल विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा के नेतृत्व में कुलपति व कुलसचिव से मिला। प्रतिनिधिमंडल में रजनीकांत पाठक, डॉ. राम मोहन झा, प्रवक्ता प्रो. ज्योति रमण झा, प्रो. अभय कुमार, सीनेट सदस्य डॉ. राम सुभग चौधरी, प्रो. हरिनारायण सिंह, प्रो. प्रभात कुमार, रंजीत झा, पुरुषोत्तम झा, प्रो. शशांक शेखर व डॉ. लक्ष्मणेश्वर प्रसाद सिंह थे।

कुलपति व कुलसचिव ने कहा कि एक पत्र प्रत्येक कॉलेज को तत्काल भेजा जा रहा है जिसमें सभी कॉलेजों को 10 दिनों के भीतर वांछित सूचना उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है। वांछित सूचना मिलने के पश्चात अग्रेत्तर कार्रवाई की जाएगी। धरने में मिरानिसे के अध्यक्ष डॉ. रंगनाथ ठाकुर भी शामिल थे।