छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बड़ा अजीब मामला सामने आया है। सरपंच और उप सरपंच की मौत की झूठी खबर सोशल मीडिया फेसबुक और वाट्सएप पर वायरल हो गया। परिजन व जान-पहचान के लोग संबंधितों के घर सांत्वना देने पहुंचने लगे। परिवार भी परेशान कि अचानक बड़ी संख्या में रिश्तेदार आ रहे हैं।

घर में भीड़ भी जुट रही है। कई जान-पहचान के लोगों के फोन आने लगे। माजरा सुनकर परिजन भी हैरान रह गए। इस हरकत के लिए सरपंच, उप-सरपंच सहित समाज के लोगों ने एफआईआर दर्ज करने थाने में आवेदन दिया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।

अमलेश्वर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पहंदा के सरपंच मोहन लाल साहू और उपसरपंच सुरेंद्र साहू की मौत की झूठी खबर सोशल मीडिया फेसबुक और वाट्सएप पर फैला दिया। मामला सामने आने के बाद सरपंच के परिजन और समाज के पदाधिकारियों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। यह पूरा कांड गांव के ही महेश साहू नाम के युवक ने किया था।

सरपंच व उपसरपंच से उसकी आपसी दुश्मनी थी। इसी खुन्नस में उसने यह झूठी खबर सोशल मीडिया में फैलाई। सरपंच मोहन साहू तहसील साहू संघ पाटन के प्रचार सचिव व उप सरपंच सुरेंद्र साहू तहसील साहू संघ पाटन के सह संयोजक भी हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने महेश साहू को गिरफ्तार का आईटी एक्ट के तहत जेल भेज दिया है।

आपसी रंजिश में फैलाई अफवाह, आरोपी गिरफ्तार
दरअसल, इस अफवाह के कारण सरपंच मोहन लाल साहू और उपसरपंच सुरेंद्र साहू के परिवारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। परिचित व रिश्तेदार उनके घर सांत्वना देने पहुंच जाते थे। घर पहुंचने पर माजरा पता चलता था। महेश साहू 9 मई से लगातार यह अफवाह फैला रहा था।

पहले की कुछ और गलतियों के लिए उसे गांव में बैठक कर समझाया गया था। इसकी वजह से वह सरपंच-उप सरपंच से रंजिश रखता था। अब उसकी हरकतों से परेशान होकर समाज के लोगों व ग्रामीणों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपी को फिलहाल गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।