बिहार के मधेपुरा में बेखौफ अपराधियों ने तांडव मचाया है। मामला जिला के मुरलीगंज थाना अंतर्गत परमानंदपुर गांव से जुड़ा है जहां सोमवार को हर तरफ लोगों की चीख पुकार मची है। दरअसल सोमवार की देर रात अपराधियों ने यहां जमकर तांडव मचाया।

उनके द्वारा ताबड़तोड़ की गई गोलीबारी में दो युवकों की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हैं। मृतकों में एक हमलावर का सगा भाई भी है। गोलीबारी की इस घटना के संबंध में बताया जाता है कि ये सभी अपराधी गांव के ही हैं, जो खुद नशेड़ी हैं और इसके कारोबार से भी जुड़े हैं।

ग्रामीणों की मानें तो 8-10 की संख्या में ये अपराधी देर रात से ही गांव में अलग-अलग जगहों पर फायरिंग कर रहे थे लेकिन लोग नजरअंदाज करते रहे। देर रात करीब 11-12 बजे के बीच इन लोगों ने सबसे पहले मनीष कुमार को घेरकर उसके ऊपर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

उस पर 10 गोलियां दागी गईं, जिसमें से सात उसके शरीर में लगी। इस बीच गांव में हो रही इस घटना पर ग्रामीणों ने निकल कर विरोध शुरू किया जिस पर अपराधियों ने रोकने वाले ग्रामीणों पर भी गोली चलाना शुरू कर दिया।

मनीष की मौत मौके पर हो गयी। बचाने आए तीन लोगों को भी गोली लगी जिसमें एक घटना में शामिल अपराधी का भाई अरुण यादव (45) भी था जो लोगों को गोलीबारी से बचाने के लिए गए थे।

उनकी भी मौत हो गई जबकि सुधो यादव (44) और गणेश यादव (50) गोली लगने से घायल हो गए। मृतक मनीष के चाचा विजेंद्र यादव ने बताया कि 8-10 की संख्या में आए अपराधियों ने मनीष कुमार पर 10 से अधिक गोली चलाई, जिसमें 7 गोली उन्हें लगी। चुकी मनीष इन अपराधियों और उसके कारोबार का विरोध करता था, इस लिए सभी ने तैयारी के साथ उसकी हत्या कर दी।

मनीष गांव में ही शादी का भोज खाकर लौटा था और सड़क पर टहल रहा था। घटना की जानकारी मिलने के बाद देर रात से ही पुलिस गांव में कैम्प कर रही है, साथ ही अपराधियों के संबंधित ठिकाने पर छापेमारी कर रही है। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद देर रात को ही पुलिस फोर्स और पदाधिकारियों को स्थल पर भेजा गया है। अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस छापेमारी कर रही है।