GAYA: बौद्ध भिक्षुओं का दल बोधगया से पैदल यात्रा कर फतेहपुर प्रखंड का बौद्धकालीन क्षेत्र गुरपा पहुंचा

फतेहपुर (गया). थाईलैंड के बौद्ध भिक्षुओं का दल बुधवार को बोधगया से पैदल यात्रा कर फतेहपुर प्रखंड का बौद्धकालीन क्षेत्र गुरपा पहुंचा। यहां से सीढ़ियों, चट्टानों और गुफाओं के रास्ते गुरुपदगिरि पर्वत पर पहुंचा। बौद्ध भिक्षुओं के दल में 120 बौद्ध भिक्षु शामिल थे। जो नेपाल के रास्ते भारत पहुंचकर बोधगया पहुंचे। इसके पश्चात ख्यातिप्राप्त गुरपा पर्वत पर तीन दिनों तक पूजन और ध्यान करने के लिए पहुंचे हैं।

बौद्ध भिक्षुओं का दल नजदीक पथ का प्रयोग करते हुए बंधुआ, गाफा, करियादपुर, जम्हेता, फतेहपुर, डुमरीचट्टी, शाहपोखर, चरकापत्थर, जयपुर, रंगुनगर होते गुरपा पहुंचा। ग्रामीण इलाकों में बौद्ध भिक्षुओं का दल कतार में जाते देख काफी आकर्षण का केन्द्र बना रहा। भिक्षु दल सभी ग्रामीणों को हाय हैलो करते निकले। बोधगया से पैदल यात्रा पर निकले बौद्ध भिक्षुओं के दल ने फतेहपुर प्रखंड परिसर में दो घंटे तक विश्राम किया। इसके बाद गुरपा के लिए रवाना हुआ। दल में शामिल भंते मलिक ने बताया कि यह दल सभी बौद्ध स्थलों का भ्रमण पैदल कर रहे है। बोधगया आगम के पश्चात गुरपा जाने की प्लानिंग बनी।

यहां के बाद यह टीम राजगीर पैदल जाएगी। इस टीम में शामिल भिक्षु जीव कल्याण और विश्व में शांति कायम हो की कामना करते हैं। हिंसा और खून खराबा नहीं हो भगवान बुद्ध से यही कामना करते है। बौद्ध भिक्षुओं का दल गुरुपदगिरि पर्वत पर पहुंचकर भगवान बुद्ध और महाकश्यपा की पूजा-अर्चना किया। इसके पश्चात बौद्ध स्तूप के पास बैठकर ध्यान लगाया।

दलाई लामा दिल्ली के लिए रवाना
17 दिनों के बोधगया प्रवास के बाद बुधवार सुबह बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा विशेष विमान से दिल्ली रवाना हुए। इससे पहले दलाई लामा ने महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध को नमन भी किया। महाबोधि मंदिर के गर्भ गृह में बुद्ध की प्रतिमा के पास विशेष पूजा-अर्चना की। धर्मगुरु ने पवित्र बोधिवृक्ष की छांव में कुछ देर भगवान बुद्ध का ध्यान लगाया। इससे पहले धर्मगुरु अपने आवासन स्थल तिब्बती धर्मशाला से महाबोधि मंदिर के पश्चिमी द्वार पहुंचे। कड़ी सुरक्षा के बीच महाबोधि मंदिर के पश्चिमी द्वार से उन्हें मंदिर में प्रवेश कराया गया। दलाई लामा के मंदिर पहुंचने के दौरान मंदिर में भारी संख्या में उनके अनुयायी भी मौजूद थे।

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