पटना. आवश्यकता नहीं है, फिर भी बॉडीगार्ड। जरूरत से अधिक सुरक्षा गार्ड। …ऐसे तरीकों से होने वाले पुलिस के मैनपावर व अन्य संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने की तैयारी है। बुधवार को पदभार संभालने के साथ नए एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने स्पष्ट कर दिया कि पुलिस के संसाधनों का दुरुपयोग नहीं होगा। अगर ऐसी बात सामने आती है तो उसे ठीक किया जाएगा। जहां जरूरत होगी, वहां संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यालय व फिल्ड में तैनात अफसर मिलकर अपराध नियंत्रण के लिए प्रयास करेंगे। लोगों से भी उन्होंने सहयोग की अपील की। कहा- अगर जिलास्तर पर लोगों की समस्या पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो मुख्यालय स्तर से शिकायतों का निपटारा कराया जाएगा।
1994 बैच के आईपीएस अफसर कुंदन कृष्णन की छवि कड़क व तेज-तर्रार अफसर की रही है। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने अपराधियों व नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई कसर नहीं छोड़ी।

विभिन्न जिलों के एसपी के अलावा वे पटना के एसएसपी व जोनल आईजी भी रह चुके हैं। आईजी (ऑपरेशन) के रूप में राज्य में नक्सलियों के वर्चस्व व नेटवर्क को तोड़ने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। पिछले साल नक्सलग्रस्त राज्यों की सूची में राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के मुकाबले बिहार का नाम नीचे खिसका था। इसके पीछे राज्य में चलाए जा रहे ऑपरेशन की गृह मंत्रालय ने भी सराहना की थी।
एंटी नक्सल ऑपरेशन में लगे एसएसबी व सीआरपीएफ के आला अफसर भी आईजी (ऑपरेशन) के रूप में उनके कार्यों की सराहना करते हैं। 30 दिसंबर को उन्हें आईजी से एडीजी रैंक में प्रमोशन दिया गया। वहीं एक जनवरी को गृह विभाग ने उनके एडीजी (मुख्यालय) के रूप में नई पोस्टिंग की अधिसूचना जारी की।