आरा. इसे फर्जीवाड़ा की इंतहां ही कहेंगे कि एक बहरूपिया जेल के भीतर ढ़ोंगी डॉक्टर बनकर सबका इलाज कर रहा है और जेल प्रशासन और सुरक्षा महकमे का माखौल उड़ा रहा है।
मसौढ़ी के डॉक्टर धीरज कुमार धीरू के पदस्थापन के नाम पर आरा मंडल कारा में पिछले नौ महीनों से एक फर्जी व्याक्ति डॉक्टर बनकर कैदियों का इलाज कर रहा था। उसने इस दरम्यान तीन महीने की छुट्टी भी ली थी।
दाेबारा आया और ज्वाइन किया, लेकिन जेल प्रशासन को इसकी कोई भनक तक नहीं लगी। जब शक हुआ और पकड़ने की कार्रवाई शुरू हुई उससे पहले ही वह रफ्फूचक्कर हो गया। वह आराम से जेल क्वार्टर में ही रह रहा था। एक महीने से चल रही जांच के बाद उसे गिरफ्तार करने की तैयारी थी पर वह ई-मेल से त्यागपत्र देकर फरार हो गया।

मसौढ़ी के डॉक्टर के नाम पर फर्जी डॉक्टर दे रहा था योगदान
बताया जा रहा है कि पटना जिले के मसौढ़ी में एक डॉक्टर धीरज कुमार धीरू हैं। वे अपनी सेवाएं मसौढ़ी में ही दे रहे हैं। उनकी पोस्टिंग कारा प्रशासन पटना ने मंडल कारा आरा में कर दी थी। लगभग 9 माह पहले मसौढ़ी के डॉक्टर के नाम पर एक व्यक्ति आया और उसने जेल प्रशासन के समक्ष आरा में धीरज कुमार धीरू के नाम पर पदभार ग्रहण कर लिया। बड़े आराम से ही वह ड्यूटी भी करने लगा। उसकी गतिविधियों पर शक होने पर जेल प्रशासन ने गुपचुप तरीके से डॉक्टर की जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाली बात सामने आने लगी। पता लगा कि धीरज कुमार धीरू मसौढ़ी में ही सेवा दे रहे हैं। इसके बाद कारा प्रशासन हरकत में आया और गिरफ्तारी का प्लान ही बना रहा था पर वह भाग निकला।