NSG कमांडो की कड़क चाय:गोपालगंज की सड़क पर लगा रहे ठेला, जानिए क्यों बेच रहे चाय…

गोपालगंज में सड़क पर एक कमांडो चाय बेच रहा है। वहां से गुजरने वालों की निगाहें NSG कमांडो के ठेले पर अपने आप रुक जाती है। ठेले पर जो बैनर लगा है, उस पर लिखा है-कमांडो चाय अड्डा। इसकी चर्चा हर जगह हो रही है। आखिर 75 हजार महीने की सैलेरी पाने वाला NSG कमांडो को चाय का ठेला लगाने की जरूरत क्यों पड़ी। इसकी वजह भी कम हैरान कर देने वाली नहीं है।

गोपालगंज शहर के मौनिया चौक के पास ठेले पर चाय बेचने वाले कमांडो का नाम मोहित पांडेय है। मोहित मोतिहारी जिले के रक्सौल, रामगढ़वा थाना के सिंहासिनी गांव निवासी है। वह पिछले एक सप्ताह से मौनिया चौक स्थित समाहरणालय के पास मसालेदार चाय की दुकान चला रहे हैं। अपनी चाय वाले ठेले के चारों ओर कमांडो चायवाला अड्डा लिखा हुआ बोर्ड उसकी चाय दुकान की शोभा बढ़ा रही है।

आने जाने वालों की नजरें एक बार जरूर इस ठेले पर लिखे शब्दों पर चली जाती है। दैनिक भास्कर की टीम जब उनसे से बात की तो कमांडो ने बताया कि 2014 में BSF में जॉइन किया था। बाद में डेप्युटेशन पर NSG कमांडो के रूप में ड्यूटी की। अभी 39 दिनों की छुट्टियां लेकर घर आए हुए हैं।

संदेश देना चाहता हूं कि कोई काम छोटा-बड़ा नहीं होता

मोहित ने कहा कि समाज में पॉजिटिव सोच का संदेश देना चाहता हूं। उनका मानना है कि कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता।किसी भी काम को करने के लिए लाज शर्म को दरकिनार करना होगा तभी वह बेहतर मुकाम पा सकता है। इसके बारे में लोगों को बताने के लिए यह चाय की दुकान खोली है। जब भी छुट्टी से आते तब भी कुछ अलग करते रहते हैं।

25 मई से दुकान लगा रहे हैं

डेप्यूटेशन पर एनएसजी का प्रशिक्षण मई 2021 में किया। 28 नवंबर 2021 को दिल्ली में जॉइन किया। वहीं 7 मई को छुट्टी लेकर आया था और 13 मई तक घर पर रहा। इसके बाद गोपालगंज आ गया। यहीं पर 25 मई को चाय की दुकान लगा दी। मोहित का मानना है कि वह शुरू से ही कुछ अलग करने का सोच रखते थे।

पिता भी बीएसएफ में थे

मोहित के पिता जितेंद्र पांडेय बीएसएफ में थे। 11 अगस्त 1996 को ड्यूटी के दौरान उनकी डेथ हुई थी। तब मोहित 2 साल 2 माह के थे। परिवार की जिम्मेदारी मोहित की मां के कंधों पर थी। सभी भाई बहन छोटे थे। एक बहन, दो भाई हैं। बहन बड़ी है, एक भाई छोटा है जो दिव्यांग है। मोहित की शादी 2019 में हुई। फिलहाल पत्नी मां और भाई की जिम्मेदारी मोहित के कंधों पर है। मोहित ने बताया कि 2014 में BSF में अनुकंपा पर हुई थी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading