बिहार में साइबर ठ’गों की लू’टने वाली कंपनी:200 लोगों की टीम कर रही थी फ्रॉड, ATM कार्ड की क्लोनिंग कर उ’ड़ाते थे पैसे

ATM फ्रॉड करने वाली गैंग के सरगना पंकज सहनी और उसके साथी विकास सहनी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पंकज साइबर फ्रॉड को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाता है। गैंग में काम करने वालों को हर महीने एक तय सैलरी दी जाती है। इस कंपनी में 200 लोग काम करते हैं, जिन्हें पंकज ने ट्रेन किया है। पंकज खुद करोड़पति है और उसने तीन शादियां की हैं।

मुजफ्फरपुर जिले में मीनापुर प्रखंड के पानापुर ओपी के कांटी मधुबन निवासी पंकज सहनी ने एलएस कॉलेज से फिजिक्स में 2013 में ऑनर्स किया था। पंकज के पिता JDU के प्रखंड अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि मां पंचायत समिति सदस्य। वह कॉलेज के समय से ही फ्रॉड करने लगा था। उसने एक कंपनी बनाई, नाम दिया- पीबीएम यानी पंकज बिजनेस मैनेजमेंट कंपनी। इस कंपनी का काम है ATM क्लोन तैयार कर लोगों को लूटना। इस समय 200 से ज्यादा एक्टिव मेंबर हैं। इसके लिए युवाओं को खुद पंकज ने ट्रेनिंग दी है। सबको काम के हिसाब से सैलरी देता है। पंकज और इससे जुड़े लोगों पर कई मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन काम प्रभावित नहीं होता। वह जेल में भी रहता है तब भी कारोबार चलता रहता है। यह गैंग मुख्य रूप से उत्तर बिहार के साथ नॉर्थ ईस्ट के राज्यों और हिमाचल प्रदेश में काम कर रही है।

पंकज 12 साल से यह काम कर रहा है। उसने फ्रॉड की राशि से गांव और मुजफ्फरपुर शहर में शानदार मकान बनवाया है। स्कॉर्पियो ली है। उसने तीन शादियां की हैं। पिछले साल उसके घर पर पुलिस ने छापा मारा था। घर से 34 लाख कैश और कारबाइन मिली थी। पंकज पर आरोप है कि मीनापुर के उप प्रमुख रंजन सिंह की हत्या की सुपारी दी थी।

गांव को साइबर फ्रॉड की नर्सरी बना दी
यह गांव कभी मेहनतकशों और सब्जी उत्पादक के रूप में जाना जाता था। सब्जी की खेती आज भी खूब होती है, लेकिन अब यह गांव सब्जी की जगह साइबर फ्रॉड की नर्सरी के रूप में कुख्यात हो गया है। इस गांव के अधिकतर युवाओं का मुख्य पेशा ATM फ्रॉड करना है। ATM फ्रॉड से इस गांव के युवाओं ने बड़ी संपत्ति खड़ी कर ली है। गांव के पंकज सहनी, सुमित, अमित, धर्मनाथ समेत 15 युवा ATM फ्रॉड गिरोह के नामजद आरोपित हैं। ये युवा मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, छपरा, सीवान, पटना, दरभंगा समेत दूसरे राज्यों की पुलिस के लिए वांटेड हैं। हर माह गांव की नाकेबंदी करके छापेमारी की जाती है।

पंकज और नीरज गिरोह के युवाओं को देते हैं ट्रेनिंग
पंकज सहनी अपने गिरोह का नाम पीबीएम (पंकज बिजनेस मैनेजमेंट) रखा है। गिरोह के लड़कों को पंकज और नीरज मिलकर ट्रेनिंग देते हैं। नीरज पहले ATM में कैश लोडिंग एजेंसी से जुड़ा था। उसे सिस्टम की पूरी जानकारी है। पिछले साल गिरफ्तारी के बाद सरगना पंकज ने बताया था कि उसके गिरोह में कांटी मधुबन व मीनापुर इलाके के 200 से अधिक लड़के हैं।

पुलिस को बताया 60 गुर्गों का नाम
मुजफ्फरपुर पुलिस ने शनिवार को साइबर फ्रॉड गैंग के सरगना पंकज सहनी और उसके साथी विकास सहनी को दबोच लिया है। उसके पास से भारी मात्रा में ATM कार्ड बरामद हुए। पुलिस पूछताछ में उसने गैंग में शामिल 60 शातिर अपराधियों के नाम बताए हैं। पंकज सहनी से SSP जयंत कांत, DSP पूर्वी मनोज कुमार पांडेय और कई पुलिस अधिकारी अलग-अलग पूछताछ कर रहे हैं। DSP पूर्वी मनोज पांडेय का कहना है कि उसने कई स्टेट में फ्रॉड करने की जानकारी दी है। वहां की पुलिस से संपर्क कर FIR की जानकारी ली जा रही है।

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