पटना। बिहार की भूमि काफी उर्वर रही है। चाहे बात ज्ञान, विज्ञान, संस्कार की हो या फिर उत्पादकता की। अब यही भूमि अपने गर्भ में समेटे बेशकीमती खनिजों के कारण देश-विदेश में चर्चा का केंद्र बन गई है।
सोने की खान (के बाद अब यहां पेट्रोलियम का बड़ा भंडार मिलने की बात सामने आ रही है। बक्सर और समस्तीपुर में गंगा के बेसिन इलाके में पेट्रोलियम का भंडार होने की जानकारी सामने आने के बाद ओएनजीसी को बिहार सरकार ने पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस दे दिया है। ओएनजीसी दोनों जिले में सर्वेक्षण करेगी जिससे पता चलेगा कि यहां तेल का कितना भंडार है।
जानकारी के अनुसार बक्सर में गंगा के बेसिन में करीब 52.13 वर्ग किलोमीटर तेल भंडार होने का अनुमान है। वहीं समस्तीपुर में तो यह 308.32 वर्ग किमी अनुमानित है। इस संबंध में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का कहना है कि समस्तीपुर के गंगा बेसिन में पेट्रोलियम का पता लगाने की अनुमति बिहार सरकार ने ओएनजीसी को दे दी है।
308 वर्ग किमी क्षेत्र में आधुनिक तरीके से पेट्रोलियम की खोज की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरी उम्मीद है कि यहां तेल का विशाल भंडार जमीन में है। अगर यहां सर्वेक्षण में तेल मिल जाता है तो समस्तीपुर ही नहीं पूरे बिहार की सूरत बदल जाएगी। ओएनजीसी का आकलन है कि दोनों जगहों पर तेल का बड़ा भंडार हो सकता है। इसको लेकर ही तेल और प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड ने पिछले दिनों बिहार के खान एवं भू तत्व विभाग से लाइसेंस का आवेदन दिया था। अब इसकी अनुमति मिल चुकी है। अब पहले चरण में भूकंप डेटा रिकार्डिंग प्रणाली से 2 डी भूकंपिय सर्वेक्षण किया जाएगा।
इसके बाद गुरुत्वाकर्षण चुंबकीय और मैग्नेटो टेल्यूरिक सर्वेक्षण होगा। मालूम हो कि इससे पहले पूर्णिया और सिवान में भी तेल भंडार का अनुमान लगाया गया था। ओएनजीसी ने सिवान के रघुनाथपुर और बक्सर के सिमरी में भी सर्वे किया था। वहां की मिट्टी जांच के लिए भेजी गई थी।
