पटना। राज्य में आठ जून से टेक्सटाइल व लेदर पॉलिसी लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजधानी स्थित अधिवेशन भवन में देशभर से आए उद्यमियों के बीच पालिसी का लोकार्पण करेंगे। हाल ही में राज्य कैबिनेट ने इन दोनों पॉलिसी को अपनी मंजूरी प्रदान की है।
दिल्ली में पिछले महीने संपन्न निवेशक सम्मेलन के बाद यह दूसरा मौका होगा, जब बड़ी संख्या में टेक्सटाइल व लेदर उद्योग से जुड़े उद्यमी बिहार में निवेश की मंशा के साथ जुटेंगे। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन व उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौंड्रिक ने एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी।
शाहनवाज ने कहा कि टेक्सटाइल व लेदर सेक्टर से जुड़े उद्योग में रोजगार की बड़ी संभावना है। इन सेक्टरों के लिए जमीन भी उपलब्ध है। मुजफ्फरपुर, बेतिया, पटना व भागलपुर में इन दोनों सेक्टर के लिए प्लग एंड प्ले की सुविधा भी उपलब्ध कराएंगे। बिहार में बनी टेक्सटाइल पालिसी की खासियत यह है कि इसमें उद्यमियों की राय को महत्व दिया गया है। निवेशकों के साथ बातचीत के बाद ही इसे तैयार किया गया है।
शाहनवाज ने कहा कि टेक्सटाइल के क्षेत्र में बिहार ही बांग्लादेश और वियतनाम की चुनौती का मुकाबला कर सकता है। यहां की पालिसी मील का पत्थर साबित होगी। इस क्षेत्र में आने वाले निवेशकों का हम रेड कारपेट वेलकम करेंगे। बिहार सरकार ने कोरोना के समय बाहर के राज्यों से लौटे कामगारों की स्किल मैपिंग कराई थी। उस क्रम में यह बात सामने आई थी कि टेक्सटाइल के क्षेत्र में अहमदाबाद, सूरत, तिरुपुर व चंडीगढ़ आदि की फैक्ट्रियों में 63 प्रतिशत लोग बिहार के हैं। इसलिए बिहार में इस सेक्टर की बड़ी संभावना है। इसके अतिरिक्त बिहार के पास 54 करोड़ आबादी का बाजार आसपास को जोड़कर है।
उद्योग मंत्री ने बताया कि टेक्सटाइल व लेदर पालिसी में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत पूंजीगत अनुदान, रोजगार अनुदान, विद्युत अनुदान, फ्रेट अनुदान, पेटेंट अनुदान, कौशल विकास अनुदान तथा कई अन्य प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त ऋण पर ब्याज अनुदान, एसजीएसटी पर छूट आदि का भी प्रावधान है।
