सेना में चार साल की संक्षप्ति अवधि के लिए संविदा पर बहाली की ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में बिहार के 22 जिलों में छात्र-युवाओं का उत्पात बेबस और लाचार प्रशासन के आगे लगातार तीसरे दिन भी जारी है और इस दौरान रेलवे को मुख्य रूप से निशाना बनाते हुए प्रदर्शनकारियों ने आठ ट्रेनों में आग लगा दी है।

इस बीच सेना में बहाली की नई प्रक्रिया को लेकर चल रहे हैं विरोध का महागठबंधन ने समर्थन किया है। साथ ही वामदलों के छात्र संगठनों के अलावा दूसरे छात्र संगठनों द्वारा शनिवार को बिहार बंद का महागठबंधन ने समर्थन किया।

वहीं दूसरी ओर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जो प्रदर्शन हो रहा है, वह केंद्र सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है। आप युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि वह इस योजना का विरोध करेंगे और केंद्र सरकार को अपना फैसला वापस लेना होगा।

राजद प्रवक्ता ने आगे कहा कि सेना में नौकरी करनेवाले ज्यादातर लोग गरीब परिवार और ग्रामीण तबके से आते हैं। उनके लिए सेना के लिए काम करना गर्व की बात होती है। ऐसे लोगों को सिर्फ चार साल के लिए अग्निवीर बनाने के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है।

वो कहते हैं कि चार साल की नौकरी के बाद उनके लिए दूसरे जगहों पर नौकरी के रास्ते खुल जाएंगे। लेकिन यह नौकरी कैसी होगी। वह किसी बड़े से मॉल के गेट पर खड़े नजर आएंगे या किसी उद्योगपति के घर की रखवाली करेंगे। यह भी नहीं हुआ तो आपने उन्हें बंदूक चलाने की ट्रेनिंग दी है। काम नहीं मिला तो वह क्या करेंगे, यह बताने की आवश्यकता नहीं है।

