मुजफ्फरपुर : अग्निपथ योजना के खिलाफ बवाल के लिए सोशल साइट और ग्रुप मैसेज ये युवाओं को उकसाने में 150 लोग चिह्नित किए गए हैं। ये सभी लोग अलग-अलग संस्थान व संगठनों से जुड़े हैं। मुजफ्फरपुर पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई में जुट गई है। बिहार में अग्निपथ योजना के खिलाफ इनकी भूमिका अहम बताई जा रही है।

उकसावे के कारण ही मुजफ्फरपुर के चक्कर चौक के पास से बवाल शुरू हुआ था। पुलिस के वरीय अधिकारियों ने एक कॉलेज के ट्रेनर और उससे जुड़े एक युवक से पूछताछ की है। एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि एक कॉलेज के उक्त ट्रेनर और उससे जुड़े एक अन्य शिक्षण संस्थान के युवक से पूछताछ की गई है। उनके मोबाइल खंगाले गये।

ट्रेनर ने कहा था कि अग्निपथ योजना गलत है, इस पर युवाओं को कुछ करना चाहिए। उनकी इसी बात को अन्य युवाओं के बीच तेजी से फैलाया गया। चक्कर चौक, छाता चौक और अन्य इलाके के कोचिंग से जुड़े कुछ लोगों ने भी अग्निपथ योजना के खिलाफ जुटे युवाओं के आंदोलन को दिशा देने का काम किया।

अग्निपथ योजना के खिलाफ युवाओं को उकसाने में शहर के चार कोचिंग संस्थानों में पुलिस ने छापेमारी की है। हालांकि बवाल के बाद से ही कोचिंग संस्थान बंद कर इसके संचालक फरार चल रहे हैं। इनमें चक्कर मैदान रोड के दो और भगवानपुर के एक आर्मी कोचिंग संस्थान के अलावा मिठनपुरा में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाला एक कोचिंग संस्थान भी शामिल है।

दूसरी ओर इनकम टैक्स ने भी युवाओं को उकसाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। आरडी फिजिकल ट्रेनिंग एकेडमी के संचालक रंजन दूबे फरार है। उसके सदर थाना अंतर्गत दूबे टोला स्थित घर पर आईटी विभाग की टीम ने छापेमारी की है। उसके पिता सुबोध दूबे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। रंजन दूबे पर सोशल साइट पर पोस्ट डालकर अग्निपथ योजना के खिलाफ युवाओं को उकसाने का आरोप है। एसएसपी जयंतकांत ने भी उसे गिरफ्तार करने का निर्देश नगर डीएसपी को दिया है।

कॉलेज के मैदान में बनी थी योजना
एसएसपी ने बताया कि रंजन दूबे ने सबसे पहले अग्निपथ के खिलाफ युवाओं को कुछ करने की बात कही थी। एसएसपी ने कहा कि बवाल के लिए युवाओं को संगठित करने के लिए एलएस कॉलेज ग्राउंड में प्रशिक्षण लेने वाले चार युवाओं ने पहल की। उसने वीडियो बनाकर उसे वायरल किया था। साइबर पेट्रोलिंग से एलएस कॉलेज ग्राउंड में जुटने वाले युवाओं की जानकारी मिली।
