मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल स्थित मातृ शिशु अस्पताल (एमसीएच) लक्ष्य योजना से प्रमाणीकरण में पिछले 3 वर्षाें से पिछड़ रहा है। इसे लेकर विभाग अब जाेर-शाेर से तैयारी में जुटा है, ताकि इस वर्ष प्रमाणीकरण में बाधा न आए।
इसके तहत अस्पताल में मानक के अनुसार संसाधन और आवश्यक उपकरणाें की व्यवस्था की गई है। केंद्रीय लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शुरू की गई लक्ष्य योजना का उद्देश्य मातृ-शिशु मृत्यु दर काे कम करना था। लेकिन, इसका सर्टिफिकेट पाने में सदर अस्पताल का एमसीएच बार-बार पिछड़ रहा है।
इस बाद सिविल सर्जन डॉ उमेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में इस अस्पताल में प्रसव के लिए कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यहां पहली बार ट्राइज रूम बना है जिसमें प्रसूताओं की हिस्ट्री देख उच्च व निम्न जोखिम की पहचान की जाती है। प्रसूताओं काे हाई बीपी, एनीमिया, पैर में सूजन जैसी परेशानी हाेने पर तत्काल इलाज की व्यवस्था की गई है।
ऑपरेशन कर बच्चे काे जन्म दिलाने में परेशानी न हो इसके लिए हाइड्रोलिक ऑपरेशन टेबल, कार्डियक मॉनिटर, 24 घंटे ऑक्सीजन सप्लाई, वार्मर, सेक्शन मशीन, ऑक्सीजन कंसनट्रेटर आदि सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। सीएस ने मंगलवार काे अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक कर इसे लेकर कई निर्देश दिए।
