भोजपुर के मोबाइल यूजर को एयरटेल 3 दिनों का डेटा वापस करेगी। इस यूजर ने इंटरनेट बंदी के दौरान हुए डेटा के नुकसान को लेकर टेलीकॉम कंपनी के खिलाफ राष्ट्रीय कंज्यूमर फोरम में ऑनलाइन शिकायत की थी।

शंकर प्रकाश चरपोखरी के रहने वाले हैं। अग्निपथ योजना के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शन के चलते भोजपुर जिले में भी इंटरनेट बंद किया गया था। इसे लेकर शंकर प्रकाश ने शिकायत की थी। शंकर प्रकाश के भाई आनंद प्रकाश ने बताया कि उनकी शिकायत संख्या 3592864 है। शिकायत की स्थिति जानने को लेकर आज हमने राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम के टोल फ्री नंबर 1800114000 पर कॉल किया। वहां से जानकारी मिली कि आपकी सुनवाई हो चुकी है।

टेलीकॉम कंपनी आपके 3 दिन का डेटा और वैलिडिटी वापस करेगी।अभी आपके प्लान की वैलिडिटी 8 अप्रैल 2023 तक है। उसके बाद आपके नंबर पर 3 दिन का डेटा और वैलिडिटी बढ़ा दी जाएगी।इससे संबंधित आधिकारिक मैसेज कंपनी ने उनके नंबर पर एक हफ्ते में भेज दिया जाएगा। अगर मैसेज नहीं आया तो यूजर फिर से हेल्पलाइन पर संपर्क कर शिकायत कर सकते हैं।

रिस्पॉन्स से संतुष्ट नहीं, सबके डेटा हो वापस
आनंद प्रकाश ने सवाल किया कि क्या उनकी तरह सभी यूजर का खोया हुआ डेटा वापस मिलेगा, इस पर कंज्यूमर फोरम के प्रतिनिधि ने कहा कि यह सुविधा सिर्फ उन्हें ही दी जा रही है। इस पर आनंद प्रकाश ने कहा कि वह कंपनी के इस रिस्पॉन्स से संतुष्ट नहीं हैं, और चाहते हैं कि सभी का खोया हुआ डेटा वापस मिले।

उन्होंने यह बात 22 जून को टेलीकॉम कंपनी के प्रतिनिधि से भी कही थी। कहा की ऐसे हजारों उपभोक्ता हैं, जिन्होंने नेटबंदी के दौरान अपना डेटा खोया है। उन सबका डेटा वापस होना चाहिए। इस बात को सुनते हुए टेलीकॉम कंपनी के प्रतिनिधि ने यह कहकर कॉल समाप्त कर दिया कि हम आपका फीडबैक लेकर आगे अपडेट करेंगे।

21 जून को की थी शिकायत
दरअसल ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध के दौरान अफवाह फैलने से रोकने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के इरादे से प्रशासन ने 72 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी। बंदी के दौरान यूजर को मिले प्रतिदिन के इंटरनेट पैक का नुकसान हो रहा था। इसको लेकर ही शंकर प्रकाश ने यह शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट बंदी का नुकसान उपभोक्ताओं को झेलना पड़ा है। अधिकांश टेलीकॉम कंपनियां प्रीपेड प्लान में प्रतिदिन उपलब्ध कराने वाले डाटा का पैसा पहले ही ले लेती हैं। स्मार्टफोन यूजर प्रतिदिन औसतन एक जीबी डेटा का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह उनके डाटा का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था, जिसे वापस देने के लिए शिकायत किया गया है।

20 जिलों में पूरी तरह बंद थी इंटरनेट सेवा
बता दें, केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ’ भर्ती योजना को लेकर राज्य में तीन दिनों तक भारी हंगामा हुआ था। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 जिलों में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी थी। इन शहरों में फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सऐप तथा इंटरनेट मीडिया पर तस्वीरें, वीडियो या संदेश भेजने पर रोक लगा दी थी। रेलवे, बैंकिंग एवं अन्य सरकारी सेवाएं इससे प्रभावित नहीं थीं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी तथा तोड़फोड़ करने के मामले में राज्यभर में अब तक 150 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ और अफवाह फैलाने वाले लोगों को उकसाने वालों की पहचान की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बक्सर में पुलिस पर हमला करते हुए गाड़ी फूंक देने की घटना की छानबीन में किसी संगठित गिरोह की भूमिका बताई गई थी। उपद्रवियों के बीच नक्सलियों के भी शामिल होने के संकेत मिले थे।