मुजफ्फरपुर : जिले के सरैया की रहने वाली पद्मश्री किसान चाची उर्फ राजकुमारी देवी के जीवन से प्रेरित टेलीविजन का एकमात्र प्रामाणिक शो ‘कस्तूरी’ को दर्शकों ने पहले 2 हफ्तों में खूब पसंद किया है। कस्तूरी एक ऐसा शो है, जो ग्रामीण परंपरा और संस्कृति में निहित है।
इस शो में एक गांव की लड़की की कहानी दिखाई गई है, जो 2019 में पद्मश्री की प्रतिष्ठित पुरस्कार विजेता बनी। उक्त बातों की जानकारी फिल्म पीआरओ कुंदन कुमार ने दी। कहा कि कस्तूरी की कहानी शादी के बाद की उसकी कठिनाइयों के बारे में है, जिसका उसने सामना किया और बाधाओं को पार कर एक नायिका के रूप में उभरी।
भारत के ग्रामीण इलाकों के दर्शक के बीच पहले दो हफ्तों की प्रतिक्रिया बेहद उत्साह जनक रही। कस्तूरी को जो प्यार और जुड़ाव मिला है, वह दिल को छू लेने वाला है। आने वाले हफ्तों में दिखाया जायेगा कि कस्तूरी उसकी मर्जी के खिलाफ शादी कर रही है।
1970 के दशक में स्थापित यह शो एक बहू के सपनों और महत्वाकांक्षाओं में समर्थन के आधुनिक विचारों को चित्रित करता है। परिवार में सबसे छोटा सदस्य होने के नाते कस्तूरी का पालन-पोषण उसके ससुर द्वारा किया जाता है। इसके अलावा यह शो कस्तूरी और उनके पति के बीच उभरती दोस्ती का प्रसारण करेगा।
फिर शुरू होगा किचन ड्रामा, एक युवा सास, जो कस्तूरी के जीवन में हर संभव बाधा खड़ी करती है। कस्तूरी अपने परिवार के सदस्यों का दिल जीत लेती है। जैसे-जैसे उसकी जीवन कहानी आगे बढ़ेगी, उसकी बुद्धि और बुद्धिमत्ता को स्थिति से दूसरी स्थिति में प्रदर्शित किया जाएगा। भले ही कहानी 1970 के दशक में स्थापित की गई हो, लेकिन यह बेटों और बेटियों के मूल्यों के बराबर होने की बात करती है। स्वच्छता और स्वच्छता के बारे में सामाजिक जागरूकता, अंधविश्वासों में विश्वास न करने और कुछ को सूचीबद्ध करने के लिए बालिका शिक्षा के महत्व के बारे में बात करती है। इसलिए देखिए कस्तूरी सोमवार से शनिवार रात 8.30 बजे डीडी फ्री डिश के चैनल नंबर 50 पर और एमएक्स प्लेयर पर भी।
