पटना: प्यार में नहीं तोड़ सकी मजहब की दीवार तो की खु’दकुशी, छोड़ गई इ’मोशनल सु’साइड नोट

पटना : प्यार में सब कुछ जायज होता है और कहा जाता है कि ये न धर्म की दीवार देखता है और ना ही मजहब की लकीर लेकिन जब कोई इस प्यार को पा नहीं पाता तो कभी-कभी खौफनाक फैसले लेने से भी नहीं चूकता। ऐसा ही एक मामला राजधानी पटना से आया है जहां प्यार में धर्म के बंधन को नहीं तोड़ पाने पर एक युवकी ने खुदकुशी कर ली और अपनी जान दे दी। प्रेम-प्रसंग में आत्महत्या की ये घटना पटना के दानापुर इलाके की है जहां नासरीगंज की रहने वाली इशरत परवीन ने खुदकुशी कर ली।

पटना से सटे दानापुर में हुई आत्महत्या की घटना के बाद मामले की पड़ताल के लिए पहुंची पुलिस

इशरत एक हिंदू युवक से प्यार कर बैठी। यह प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि दोनों ने एक दूसरे की रजामंदी से शादी भी कर ली लेकिन यह शादी ना तो इशरत के पिता आलमगीर को पसंद आयी और ना ही उसके प्रेमी शिवकुमार के परिजनों को। इस कारण शादी के बाद भी दोनों को अलग-अलग कर दिया गया।

मामला प्रेम का था तो थाने में भी आया जिसके बाद पुलिस ने दोनों को अलग किया लेकिन युवती के दिल में शिवकुमार की घर कर बैठा था और वो उससे प्रेम करती रही साथ ही एक संग जीने और मरने की कसम भी लेकिन इंसानियत और धर्म दोनों ही इनके आड़े आ गये।

शादी करने के बाद भी अपने प्रेमी को नहीं पाने के गम में दानापुर के नासरीगंज निवासी मोहम्मद आलमगीर की 21 वर्षीय पुत्री ईसरत प्रवीण ने गले में दुपट्टे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका तीन बहनें और एक भाई है। मृतका की मां ने बताया कि रात में सभी एक साथ खाना खाने के बाद सो गए थे। सुबह देखा कि बड़ी पुत्री पंखे से झूल रही थी। उसे पंखे से उतारकर इलाज के लिए अस्पताल ले गए जहां पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।

मृतका के पास से सुसाईट नोट बरामद किया गया है, जिसमें उसने शिव कुमार नामक युवक से प्रेम प्रसंग करने और उसको ना पाने के कारण आत्महत्या करने की बात कही है। इशरत परवीन में ने अपने सुसाइड नोट में कहा है कि अम्मी अब्बा मुझे माफ करना मैं आप लोगों को बहुत प्यार करते करती हूं।

मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची है और जांच पड़ताल में लगी है।

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