गया : नगर प्रखंड के बीडीओ व प्रमुख के बीच का मामला शांत होने के बजाय अब और गरमाने लगा है। दो दिन पहले तक बीडीओ बलवंत पांडेय और प्रमुख सरिता देवी के बीच टक्कराव की स्थिति बनी हुई थी। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ केस भी दर्ज करा रखा है। लेकिन अब यह मामला नगर प्रखंड कर्मी व जनप्रतिनिधि के बीच का होता जा रहा है।

नगर प्रखंड के सभी कर्मियों ने प्रखंड के जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। वह हर काम में जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से तंग आ गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से सुरक्षा और भयमुक्त माहौल की मांग की है। वहीं बीडीओ ने भी जनप्रतिनिधियों के रवैये को देखते हुए जिला प्रशासन को स्थिति से वाकिफ कराते हुए मौखिक तौर पर अंगरक्षक की मांग कर दी है।

गाड़ी पार्क करने को लेकर मचा है बवाल
नगर प्रखंड परिसर में बीडीओ की गाड़ी स्थान पर प्रखंड प्रमुख की गाड़ी पार्क करने को लेकर मामला इन दिनों खूब गरमाया हुआ है। लेकिन इसके पीछे कई वजह है। गाड़ी पार्क करना तो बहाना है। प्रखंड प्रमुख का आरोप है कि वह महादलित परिवार से आती हैं इसलिए उसे बीडीओ हमारी गाड़ी को प्रखंड परिसर में पार्क नहीं करने दे रहा है।

इसी को आधार बनाते हुए प्रमुख ने बीडीओ के खिलाफ अनुसूचित थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला जांच में है। वहीं बीडीओ ने भी प्रखंड प्रमुख और उनके आदमियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और कार्यालय में प्रवेश करने पर रोक का आरोप लगाते हुए चंदौती थाने में केस दर्ज कराया है।

इधर कर्मियों का कहना है कि प्रखंड स्तरीय जनप्रतिनिधि हर काम में अडंगा लगाते हैं। वह मानकों के खिलाफ जाकर काम करने को एक कर्मी से लेकर बीडीओ तक लगातार दवाब बना रहे हैं। मानक के विपरित जाकर किसी को लाभ देना यानी की अपनी नौकरी से हाथ धोने के समान है।

जब उनके चहेतों का काम रुक जाता है तो वह अनर्गल आरोप लगा कर कर्मी से लेकर अब तो बीडीओ तक अपने दवाब में लेने की कोशिश में जुट जाते हैं। आए दिन जनप्रतिनिधि अभद्र व्यवहार करते हैं और धमकी भी देते हैं। यही वजह है कि प्रखंड में काम करना मुश्किल हो गया है।

वहीं दूसरी ओर अब प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के पंचायत समिति सदस्य भी बीडीओ के विरुद्ध मोर्चा खोलने की तैयारी कर चुके हैं। वे धरने पर बैठ कर अपना विरोध जताने वाले थे लेकिन जापान के प्रधानमंत्री की हत्या की वजह से जारी शोक के कारण धरना स्थगित करना पड़ा।
