बक्सर जिले में सोमवार की सुबह इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई। एक नवजात को जिंदा झाड़ी में फेंक दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस व चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्ची को झाड़ी से निकाला व अपने साथ ले गई।

इसको लेकर गांव में तरह-तरह को चर्चाएं हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि बेटी पैदा हुई है, इसलिए फेंक दिया होगा। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि यह बिन ब्याही मां की करतूत है। फिलहाल पुलिस ने नवजात को अपने कब्जे में ले लिया है। जिंदा फेंकने का अपराध करने वाले का पता लगा रही है।

जानकारी के अनुसार जिले के चुरामनपुर बांध पर सुबह सुबह गांव के लोग टहल रहे थे। तभी अचानक एक झाड़ी में नवजात की रोने की आवाज सुन ग्रामीण चौक गये ।झाड़ी के पास जाकर देखा तो कपड़े में लपेट कर किसी ने नवजात बच्ची को फेंक दिया था। जो रो रही थी। जिसकी सूचना जब औद्योगिक थानाध्यक्ष मुकेश कुमार को दिया गया। तो वही किसी ग्रामीण द्वारा 109 पर चाइल्ड लाइन को भी इसकी सूचना दे दी गई ।

सूचना पर थाने की पुलिस और चाइल्ड लाइन के कर्मी दोनों पहुंच गए। दोनो इस बच्ची को जिंदा अपने कब्जे में ले ईलाज के लिए ले गए। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की काफी भीड़ लग गई। इस शर्मशार घटना को ले ग्रामीणों में तरह तरह की काफी चर्चाएं हो रही है।

वही मौके पर पहुंचे चाइल्ड लाइन बक्सर के कर्मचारी सन्तोष कुमार ने बताया कि नवजात बच्ची को स्थानीय थाना लेजा कर जीडी कराने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के निदेशानुसार आगे की कार्यवाई की जाएगी।


वही कुछ निसंतान ग्रामीणों द्वारा बच्ची को गोद लेने के इक्क्षा भी जाहिर की गई।तो सन्तोष कुमार ने कहा कि बच्ची की पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्ची उसे सौंपी जा सकती है।
