महिला सशक्तीकरण का संदेश लेकर साइकिल से बिहार घूमने निकली लड़की से मनचलों ने छेड़खानी की कोशिश की। घटना दरभंगा एयरपोर्ट के पास शनिवार शाम में हुई थी। उस वक्त वह साइकिल से दरभंगा के बाद मधुबनी की ओर जा रही थी। इसी दौरान स्कूटी सवार 3 लड़कों ने उसकी साइकिल में टक्कर मारा, जिससे वो गिर गई।

हालांकि फिर वो लड़के वहां से चले भी गए। इधर साइकिल सवार लड़की भी खुद के शरीर पर आए हल्के जख्मों की परवाह किए बगैर अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गई। यह सारी बातें रविवार को सीतामढ़ी पहुंची इस साइकिल गर्ल ने खुद बताई।

इस साइकिल गर्ल का नाम अपर्णा सिन्हा है और वह नालंदा की रहने वाली है। फिलहाल 17 जिलों की यात्रा करने के बाद सीतामढ़ी पहुंची और शिवहर के लिए निकल गई।

20 साल की उम्र में कर ली केरल से नेपाल तक की यात्रा
सीतामढ़ी पहुंची अपर्णा सिर्फ 20 साल की उम्र में साइकिल से पूरी दुनिया नापने निकली है। यहां उसका स्वागत डीएसपी सुबोध कुमार के अलावा अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया। उसने जानकी स्थान और पुनौरा धाम में दर्शन किए। महिला सशक्तिकरण का संदेश लेकर वह 26 जून को नालंदा से बिहार भ्रमण पर निकली थी।

‘पॉल्यूशन फ्री इंडिया’ के संदेश के साथ साइकिल से ही बिहार से केरल और नेपाल के दौरे पर जा चुकी है। बिहार से केरल तक की 3306 किलोमीटर की दूरी उसने 28 दिनों में तय की थी। इतना ही नहीं, बीते 9 मार्च को साइकिल से ही नेपाल भी गई थी। वह साल 2011 से ही साइकिल यात्रा कर रही है।

शिक्षक बन लड़कियों को पढ़ाना चाहती है अर्पणा
बीए की छात्रा अर्पणा अपनी इन यात्राओं की वजह से ‘साइकिल गर्ल’ के नाम से चर्चित हो चुकी है। उसके गांव और आसपास की कई लड़कियां उसकी मुरीद हो गई है। वह नालंदा के दीपनगर नेगी की रहने वाली है। पिता नंदकिशोर प्रसाद की मृत्यु हो चुकी है। परिवार में मां के अलावा बड़े भाई हैं, जो मेडिकल लैब टेक्नीशियन हैं। एक बड़ी बहन बीएड कर रही है।

