बेगूसराय के बलिया प्रखंड में भवानंदपुर शिवनगर बिशनपुर सहित दियारा क्षेत्र के कई गांव और हजारों एकड़ खेतों को बचाने के लिए गंगा नदी के कटाव स्थल पर कटावनिरोधी कार्य किए जा रहे हैं। जुलाई के प्रथम सप्ताह में हुए गंगा में कटाव तेज होने से गंगा नदी में करोड़ों की लागत से हो रहे कटाव निरोधी कार्य कई जगह से बह जाने के बाद सोमवार को राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा कटाव स्थल का जाकर निरीक्षण किया है।

इस दौरान उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन पर ही क्लास लगा दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में कटाव का समाधान चाहिए। ऐसा काम क्यों करते हैं कि सरकार का पैसा पानी में चला जाए। मोदी सरकार किसानों की हित में लगातार काम कर रही है। और यहां कटाव रोधी कार्य होने के बावजूद भी किसानों की जमीन लगातार गंगा में समा रही है। ऐसे में आपको स्पॉट विजिट करना चाहिए और इसके समाधान के लिए तत्क्षण जुट जाना चाहिए ।
बताते चलें कि विगत 1 हफ्ते पहले गंगा नदी में जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण बलिया के बिशनपुर और भवानंदपुर गांव के समीप कटाव तेज हो गया था । इस कारण हजारों एकड़ भूमि गंगा में समाहित हो गई अब गांव पर खतरा मंडराने लगा है । यही करीब 8 करोड़ की लागत से चल रहे कटाव निरोधी कार्य का अधिकांश भाग बह गया जिससे क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल कायम हो गया है।
बता दें कि बीते एक हफ्ते पहले बलिया प्रखंड क्षेत्र के भवानंदपुर एवं शिवनगर गांव के पास चलाए जा रहे कटाव निरोधक कार्य के ज्यादतर जगह एक ही रात में गंगा की मुख्य धारा में बह गया। जिससे कटाव निरोधक कार्य पर सवाल उठने लगे हैं । बताया जाता है कि करीब आठ करोड़ की लागत से बलिया प्रखंड के भवानंदपुर गांव एवं शिवनगर गांव के समीप 1260 मीटर में कटाव निरोधक कार्य की स्वीकृति सरकार के द्वारा प्रदान की गयी थी । जिस कार्य को संवेदक के द्वारा करीब 1000 मीटर में भवानंदपुर एवं उससे पश्चिम दिशा में किया गया।
गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि से गंगा की मुख्य धारा उत्तरी छोर से ही बहने लगी । जुलाई माह के पहले हफ्ते में ही रात के समय जबरदस्त कटाव होने से किये गये कटाव निरोधक कार्य जगह-जगह पर पूरी तरह गंगा के पानी में बिलीन हो गयी। जिससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है । गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद हो रहे कटाव विभाग एवं स्थानीय ग्रामीणों के लिये परेशानी का सबब बना हुआ है।
