लखनऊ में खतरनाक डॉग पिटबुल ने अपनी मालकिन पर हमला करके मार डाला है। यह खतरनाक डॉग पटना वेटरनरी कॉलेज में एक साल पहले डॉग शो में आतंक मचा दिया था। पटना में भी लोग इस तरह के डॉग नहीं मौत पाल रहे हैं। विदेशों में जिन डॉग को प्रतिबंधित किया गया है, वह पटना में स्टेटस सिंबल बन रहे हैं। अमेरिकन बुल और पाकिस्तानी बुल के साथ पिटबुल जैसे 300 से अधिक डॉग पटना में लोगों के घरों में स्टेटस बन गए हैं। बिहार में भी खतरनाक डॉग से घटना के बाद भी पटना में मौत की खुली छूट है।

पटना के वेटरनरी कॉलेज में 2021 में आयोजित डॉग शो में खतरनाक पिटबुल डॉग ने हमला कर दिया था। इस घटना में पिटबुल ऑनर के हाथों से छूट गया और हमला कर दिया। पिटबुल के हमले को देख भगदड़ मच गई थी और वहां मौजूद लोग अपने अपने डॉग को लेकर भागने लगे थे। इस घटना में मौके पर मौजूद लोग भागकर किसी से तरह से अपनी जान बचाए। ऐसे खतरनाक डॉग को डॉग शो में ले जाना प्रतिबंधित है। इसके बाद भी आयोजक डॉग शो में ऐसे खतरनाक को बिना रोक टोक के ले जाया जाता है।

युवक के हाथ का मांस चबा गया
वर्ष 2019 में सोनपुर में एक खतरनाक डॉग रॉड विलर एक युवक पर हमला कर दिया। इस घटना में युवक भागने का प्रयास किया लेकिन खतरनाक डॉग ने युवक के बाजू को मुंह में भर लिया और एक बार में पूरा नोच लिया। इस घटना युवक के बाजू का पूरा मांस गायब हो गया और हड्डी दिखाई देने लगी। आस पास के लोग लाठी डंडा लेकर पहुंच गए जिसके बाद किसी तरह से युवक को रॉड विलर डॉग से बचाया गया।

भैंस का बच्चा चबा गया
पटना के सगुना मोड़ पर एक प्राइवेट स्कूल के प्रबंध के घर में डॉग से बड़ी घटना हुई। स्कूल के प्रबंधक रॉड विलर पाल रखे थे। रॉड विलर डाग रात में खुला था। रात में प्रबंधक के घर भैंस ने बच्चा दिया और खतरनाक डॉग ने उसकी जान ले ली। बताया जाता है कि सुबह में लोग जगे तो भैंस के बच्चे का दो पैर और सिर ही मिला, बाकी का अंग खतरनाक डॉग खा गया था। भैंस को भी उसने कई जगह काटा और मांस निकाल लिया था। घटना डेढ़ साल पहले की है।

केस तीन : डॉक्टर को क्लीनिक में ही नोच लिया डॉग
पटना के पाटलिपुत्रा में एक डॉग के डॉक्टर की क्लीनिक है। एक साल पहले एक ऑनर अपने खतरनाक डॉग को लेकर जांच कराने आया। ऑनर की थोड़ी सी चूक के कारण खतरनाक डॉग ने डॉक्टर पर ही हमला कर दिया। जब तक लोग उसे पकड़ते डॉग ने डॉक्टर को कई जगह नोच लिया। इसके बाद डॉक्टर काे रैबीज का इंजेक्शन लगवाकर इलाज कराना पड़ा। अगर डॉग को काबू में नहीं लिया जाता तो डॉक्टर के साथ बड़ी घटना हो जाती।

बिहार में हवा हवाई हाे गया नियम
पटना में खतरनाक डॉग को लेकर किसी नियम का पालन नहीं होता है। न तो पुलिस इस मामले में कोई शिकायत सुनती है और नगर निगम को इसपर कोई ध्यान ही नहीं देता है। बिहार में कोई नियम ही नहीं है, खतरनाक डॉक जो विदेशों में प्रतिबंधित हैं वह भी पटना में स्टेटस सिंबल के तौर पर रखे जा रहे हैं।

पटना में 15 से अधिक डॉग सेंटर, विशेष ऑर्डर पर मंगाए जाते हैं
डॉग्स की मांग को देखते हुए पटना में 15 से अधिक डॉग शॉप भी है। ऐसे डॉग को विशेष ऑर्डर पर मंगाया जाता है। खतरनाक डॉग के लिए शॉप पर पहले एडवांस बुकिंग होती है उसके बाद डॉग को मंगाकर ऑनर को डिलिवरी की जाती है। पटना में एक दर्जन से अधिक सेंटर चल रहे हैं जहां से खतरनाक डॉग की डिलीवरी होती है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
