गोपालगंज : बिहार के गोपालगंज में शराब के साथ भारत सरकार लिखी कार से गिरफ्तार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का असिस्टेंट कमिश्नर फर्जी निकला. उत्पाद विभाग की टीम ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो फर्जी असिस्टेंट कमिश्नर दिल्ली का रहने वाला बड़ा शराब माफिया निकला. वो फर्जी असिस्टेंट कमिश्नर बनकर बिहार में शराब की तस्करी करता था. अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार शख्स दिल्ली का शातिर शराब माफिया राजेश है और दूसरा मुजेंद्र, जो उसका ड्राइवर है.

दोनों बिहार में शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाते हुए शराब की तस्करी करते थे. इसके लिए कभी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का असिस्टेंट कमिश्नर बनकर तो कभी केंद्र सरकार को बड़ा अधिकारी बनकर लेकिन इस बार इन दोनों की सारी चालाकी नाकाम रही. दिल्ली से आठ कार्टन विदेशी शराब लेकर जैसे ही बिहार-यूपी की सीमा कुचायकोट थाने के बलथरी चेक पोस्ट पर दोनों पहुंचे, उत्पाद टीम ने शराब तस्कर राजेश और उसके सहयोगी ड्राइवर मुजेंद्र को गिरफ्तार किया कर लिया.

जब्त शराब को छपरा में किसी बच्चा बाबू के यहां सप्लाई करना था. गिरफ्तारी के बाद राजेश नाम का ये शराब तस्कर खुद को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का असिस्टेंट कमिश्नर बताकर उत्पाद टीम के अधिकारियों पर धौंस दिखाने लगा. गिरफ्तारी के बाद भी शराब तस्कर खुद को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का असिस्टेंट कमिश्नर बताता रहा. जब सख्ती से पूछताछ की गयी तो फर्जी असिस्टेंट कमिश्नर गिड़गिड़ाने लगा. उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि जब सख्ती से जांच कर पूछताछ की गयी और जब्त गाड़ी की तलाशी ली गयी तो कई मुहर और फर्जी कागजात मिले, तब उसने स्वीकारा कि वो पदाधिकारी नहीं है.

आइकार्ड भी फर्जी था. अब ये मामला सिर्फ एक्ससाइज डिपार्टमेंट का नहीं रहा है इसमें आइपीसी की बहुत सी धाराएं लगेंगी, इसलिए जांच और कार्रवाई के लिए उत्पाद विभाग ने पुलिस को सौंप दिया है. अब पुलिस ने जब्त मुहर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू कर दी है. पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि राजेश इसके पहले कितने बार बिहार में शराब की तस्करी कर चुका है. कौन-कौन इसके साथ गिरोह में शामिल हैं. इन तमाम बिंदु पर पुलिस जांच कर रही है.



