एक तरफ सरकार सड़क का जाल बिछाने का दावा करती है दूसरी तरफ छपरा सदर प्रखंड में कुछ और ही नजारा देखने को मिला जहा सड़क के निर्माण के लिए ग्रामीण सड़क पर उत्तर प्रदर्शन किए। मामला सारण जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज करिंगा के वार्ड नंबर 1 मुसेहरी गांव का है यहां पर सरकार की योजना में करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी न सड़क बना और न ही नाला बना है। बरसात के दिनों में यह गांव टापू में तब्दील हो जाता है। नाव के माध्यम से गांव के लोग 1 किलोमीटर दूरी तय कर सड़क पर पहुचते है। मुसेहरी गांव में महादलित परिवार के लोग ज्यादा से ज्यादा निवास करते है।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि हमलोगों के परिवार में अगर कोई बीमार हो जाता है तो हमलोग खटिया पर लाद कर 1 किलोमीटर दूर मेन सड़क पर ले जाते हैं। मरीजों को तब तक मरीज का हालात और गंभीर हो जाता है और कभी कभी तो समय पर डॉक्टर के पास नही पहुचने पर जान भी चली जाती है।

गाँव में आग लग जाती है तो आग बुझाने वाली गाड़ियां भी आग बुझाने नही आ पाती है और हमलोग का सारा सामान जलकर राख हो जाता है, वहीं के निवासी आलिम खान का कहना है कि हमलोगों को जनाजा कब्रिस्तान में ले जाने में तकलीफ होती है और हमलोग पहले खाट पर ले जाते हैं फिर जनाजा सजा कर कब्रिस्तान में दफन करते हैं, ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द सड़क व नाला का निर्माण कार्य प्रारंभ करे नही तो हमलोग सड़क बनाने के मांग को लेकर NH को जाम करेंगे।




