पटना: झारखंड के मुस्लिम बहुल इलाकों के 100 स्कूलों में सरकारी नियमों के विरुद्ध रविवार के बजाय शुक्रवार को छुट्टी दिए जाने का मामला गर्म हुआ तो बिहार में भी अब इस पर बवाल शुरू हो गया. दरअसल, किशनगंज के सामान्य 37 सरकारी स्कूलों (उर्दू स्कूल नहीं) में भी शुक्रवार की छुट्टी का मामला सामने आ गया है.

सबसे खास बात यह है कि सरकारी दस्तावेजों में भी जुमे की छुट्टी का जिक्र है. जाहिर है अब इस मामले ने सियासी का रंग भी पकड़ लिया है. हिंदू संगठन शिक्षा के मंदिर में धर्म आधारित छुट्टी का विरोध कर रहे हैं और सभी स्कूलों में एक ही नियम रखने की बात कर रहे हैं. वहीं, सत्ताधारी दल जदयू के एमएलसी खालिद अनवर को सरकारी नियमों के विरुद्ध रविवार की जगह शुक्रवार की छुट्टी में कुछ भी गलत नहीं लग रहा है.

जेडीयू MLC खालिद अनवर ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि बिहार के सरकारी उर्दू स्कूलों में शुक्रवार की छुट्टी की पुरानी परम्परा है; अगर शुक्रवार को हो रहा है तो क्या ग़लत है? जहां ये हो रहा है अगर वहां के लोग ये तय कर रहे हैं तो क्या ग़लत कर रहे हैं? ये निहायत बेवक़ूफी भरी बात है जो इस तरह का आरोप लगा रहे हैं. ये सब राजनीति से प्रेरित है. अगर स्थानीयलोग ये तय कर रहे हैं तो गैर सरकारी उर्दू स्कूलों में भी छुट्टी हो रही है तो उसमें भी कुछ गलत नहीं है. बता दें कि ये वही एमएलसी हैं जिन्होंने वर्ष 2021 में मोहम्मद अली जिन्ना को स्वतंत्रता सेनानी बताकर जदयू को मुश्किलों में डाल दिया था.

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के MLC नवल किशोर यादव ने इस मामले को लेकर चुटीले अंदाज में नीतीश सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, जब सरकार ही इस मामले को देख रही है और सरकार ही चाह रही है; तो इस पर हम लोग क्या बोलें. ये तो सरकार को देखना है न कि क्या गलत है और क्या सही. उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा, मुस्लिम इलाका है सो सरकारी स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी दे दी गई.



