सीवान। महाराजगंज थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी नंदकिशोर सिंह का 32 वर्षीय सिपाही पुत्र अजित कुमार सिंह का पार्थिक शरीर शुक्रवार की अहले सुबह पैतृक गांव जगदीशपुर पहुंची। मृतक की आखिरी दर्शन के लिए गांव के सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। भारत के झंडे में राजकीय सम्मान के साथ लिपटा हुआ मृतक का शरीर पहुंचते ही पत्नी रिंकू देवी उसके शव के साथ लिपटकर घंटों तक रोती रही और बाद में बेहोश हो गई।

बता दें कि मृतक सिपाही अजीत के दो मासूम पुत्र 7 वर्षीय उज्जवल कुमार तथा 11 वर्षीय आदित्य कुमार उर्फ रोशन है। पिता का शव पहुंचने के बाद दोनों पुत्र पिता के मृत शरीर को अपने दोनों बांहों में जकड़ कर मां के साथ पापा-पापा कहते हुए घंटों रोते रहे। आसपास खड़े जिन लोगों ने इस हृदय विदारक घटना को करीब से महसूस उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। मृतक परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। जिसकी शव गुरुवार की अहले सुबह गोपालगंज जिला मुख्यालय के पुलिस लाइन के पीछे नाले से बरामद किया गया था। अजीत की मृत्यु की सूचना के बाद परिवार समेत पूरे गांव के लोग बड़े ही बेसब्री से शव आने की इंतजार कर रहे थे।

पिता को बड़े पुत्र रोशन ने दी मुखाग्नि
गांव के श्मशान घाट में मृतक के बड़े पुत्र आदित्य कुमार रोशन ने पिता को मुखाग्नि दिया। लोगों का कहना था कि मृतक अजीत से उनका बड़ा पुत्र रोशन से कुछ खास किस्म की रहती थी। उनके पिता जब भी आते थे तो दोनों बच्चों अपने साथ में लेकर घूमने के लिए जाया करते थे। बड़ा पुत्र उनके काफी करीबी थी। और नाश्ता से लेकर खाना तक सबसे पहले पिता से पूछता उसके बाद ही वह खाना खाता था। पिता पुत्र के इतने लगाव की वजह से ही परिवार और गांव के लोगों ने उसे मुखाग्नि देने की सलाह दी।




