मुजफ्फरपुर। श्रावणी मेला, मोहर्रम जुलूस और हाट-बाजार सब काेराेना से पहले यानी सामान्य दिनाें की तरह चलने लगे हैं। बाकी प्रशासनिक कार्यक्रमाें में भी काेई बंदिश नहीं दिख रही है। लेकिन, शहीद खुदीराम बाेस सेंट्रल जे’ल में आयोजित श्र’द्धांजलि समारोह में शहर के गणमान्य लाेगाें काे काे’राेना के नाम पर जाने की इ’जाजत नहीं दी गई है। कमिश्नर, डीएम-एसएसपी भी सेंट्रल जे’ल में श’हादत समारोह में शामिल नहीं हाेंगे।
उनकी जगह एसडीओ पूर्वी व टाउन डीएसपी समारोह में शामिल हाेंगे। जबकि, पश्चिम बंगाल के मिदनापुर से खुदीराम बाेस की जन्मस्थली की मिट्टी लेकर पहुंचे प्रकाश हलधर समेत आठ लाेगाें काे जेल में जाने की इजाजत दी गई है। बंदी कल्याण संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पराशर का कहना है कि काेविड प्राेटाेकाॅल काे लेकर बाकी लाेगाें काे जेल में जाने की इजाजत नहीं दी गई है।
ऐसे में पश्चिम बंगाल से ट्रैवल कर पहुंचे जत्थे काे कैसे इजाजत दी गई। जबकि, काेराेना संक्रमण फैलने का खतरा वैसे लाेगाें से ज्यादा है, जिनकी ट्रैवलिंग हिस्ट्री है। बिहारी-बंगाली समिति के प्रमुख राणा कर्मकार का कहना है कि फांसी स्थल पर इस बार भी नहीं जाने का मलाल है। कंपनीबाग स्थित खुदीराम बाेस के स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में सभी लाेग शामिल हाेंगे।
मिदनापुर से पहुंचे लाेगाें काे इजाजत मिली है। शहादत दिवस काे लेकर सेंट्रल जेल राेशनी से नहा रहा है। श्रद्धांजलि के मौके पर शहीद खुदीराम बाेस के गांव से पहुंचे प्रकाश हलधर समेत 8 लाेगाें काे जाने की इजाजत है। ये पहली बार मां काली का प्रसाद लेकर पहुंचे हैं। इसकी डिमांड फांसी के पहले खुदीराम बाेस ने की थी। खुदीराम बाेस के घर की मिट्टी प्रकाश हलधर लेकर पहुंचे हैं।

