पटना। पटना को इस बात का गौरव है कि आजादी की लड़ाई के लिए भगत सिंह के साथ मिलकर जान जोखिम में डालने वाले बटुकेश्वर दत्त यही रहे। पटना के न्यू जक्कनपुर इलाके में उन्होंने लंबा समय बिताया। यहां उनका फ्लैट है। जब हम उनके फ्लैट पर पहुंचे, तब वहां ताला लगा था।
उनकी बेटी भारती बागची से फोन पर संपर्क करने से पता चला कि वे पुणे में हैं। जहां मंझले बेटे की शादी होनी है। बड़ा बेटा रूस में रहता है। बटुकेश्वर दत्त की एक ही संतान थी भारती बागची। भारती बागची के तीन बेटे भास्कर बागची, निलंजन बागजी और अविक बागची हुए। सबसे छोटे बेटे अविक बागची की मौत कोरोना के समय पटना के जक्कनपुर में हो गई थी।
जक्कनपुर के बीके दत्ता मेंशन में हमारी मुलाकात रविशंकर गांगुली से हुई। वे बटुकेश्वर दत्त परिवार के पारिवारिक मित्र हैं। उन्होंने बटुकेश्वर दत्त को देखा भी है। वे बताते हैं कि बटुकेश्वर दत्त जब पटना के बांकीपुर जेल से रिहा हुए तो वे पंजाब जाकर भगत सिंह के परिवार के साथ रहना चाहते थे।
लेकिन तत्कालीन सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाई कि वे पटना में ही रहे। कहीं बाहर नहीं जाएं। उन्हें लोन दिया गया और उस पैसे से उन्होंने जमीन ली और घर बनाकर पटना के जक्कनपुर में रहने लगे। बहुत बाद में बेटी ने यहां अपार्टमेंट बनवाया। बाद में सरकार ने लोन माफ कर दिया।

