मुजफ्फरपुर। पुणे में कविता की माै’त के बाद से महिला सिपाही कहीं भी अ’केले जाने से क’तराने लगी हैं। वह ड’री-स’हमी हैं। लेकिन, पुलिस अधिकारी उन्हें अकेले भेजने से बाज नहीं अा रहे। पानापुर ओपी प्रभारी पर एक महिला सिपाही ने अकेले ग’श्ती में जाने से मना करने पर थ’प्पड़ मा’रने के लिए हाथ उठाने व गा’ली-ग’लाैज करने का आ’राेप लगाया है। उसके पिता ने एसएसपी व मानवाधिकार आयाेग से शिकायत कर कहा है कि उसने अकेले ग’श्ती में जाने से मना किया ताे ओपी प्रभारी भ’द्दी-भ’द्दी गा’लियां देने लगे।
उसका माेबाइल छीन लिया और मा’रने के लिए हाथ उठा लिया। अन्य पुलिसकर्मियाें ने बीच-ब’चाव किया। जबकि, ओपी प्रभारी हरेराम का कहना है कि मुंशी माे. ईरशाद आलम ने ड्यूटी पर जाने के लिए दाे सिपाही के साथ उसकी कमान काटी थी। वह मुंशी से चि’ल्ला-चि’ल्ला कर बात कर रही थी। आवाज सुनकर पहुंचा ताे माेबाइल से वीडियाे बनाने लगी। राेकने पर और चि’ल्लाने लगी।
प्रभारी ने कहा कि ओपी में 3 महिला सिपाही हैं। एक की त’बीयत खराब व दूसरी विशेष अवकाश पर है। इसलिए उसे पुरुष जवानाें के साथ अकेले जाने के लिए कहा गया। इसका वह वि’राेध कर रही थी, लेकिन फिर ड्यूटी पर चली गई। शनिवार की इस घ’टना से एसएसपी काे अवगत कराते हुए का’र्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। ओपी में सनहा भी दर्ज किया गया है। घ’टना के बाद वह 3 दिन अवकाश पर थी। उसके बावजूद 15 अगस्त काे आई।
मुजफ्फरपुर| महाराष्ट्र के पुणे में महिला कां’स्टेबल कविता कुमारी की मौत के 5वें दिन परिजन श’व लेकर मुजफ्फरपुर पुलिसलाइन पहुंचे। यहां माहाैल गमगीन हो गया। 18 वर्ष की एक महिला सिपाही फू’ट-फू’ट कर रो’ने लगी ताे अन्य साथी सिपाहियाें के भी आं’सू छ’लक पड़े। सबने नम आंखाें से कविता काे श्र’द्धांजलि दी। दूसरी तरफ महिला सिपाहियाें ने आ’क्राेश जताया कि जब कविता की डेडबॉडी आई तो अंतिम सलामी की कोई व्यवस्था नहीं थी। कविता के पिता ने उन्हें बताया कि उनके जाने से पहले केस के आईओ सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश प्रसाद ने पुणे पुलिस को सु’साइड का आवेदन दिया था।
उन्हें कविता का फं’दे से ल’टकता हुआ वीडियो फुटेज अब तक नहीं मिला है। उधर, अधिवक्ता विनाेद अग्रवाल ने मामले की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयाेग से कराने की मांग की है। आयाेग के अध्यक्ष काे पत्र लिख कर कहा है कि मृ’तका के पिता व पति दाेनाें मामले काे सं’देहास्पद बता रहे हैं। महिला सिपाही की माै’त पुणे के हाेटल में हुई। वह 4 पुलिसकर्मियाें के साथ 96 लाख गबन के आ’राेपी की गि’रफ्तारी को गई थी। हाेटल में सं’देहास्पद स्थिति में माै’त हुई।
कविता के पिता बृज कुमार और पति भूपेंद्र प्रसाद ने एसएसपी से इं’साफ की गु’हार लगाई है। कहा- उनकी बेटी अकेले जाना नहीं चाह रही थी। जबरन कमान का’ट दी गई। उनकी बेटी पर घर-परिवार से कोई मा’नसिक द’बाव नहीं था। विभागीय द’बाव या फिर किस प’रिस्थिति में उसकी मौ’त हुई, इसकी जांच कराई जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि मुंबई पुलिस को दिए आवेदन में सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने कैसे सु’साइड की बात लिख दी? उन्हाेंने कहा कि दा’ह-सं’स्कार के बाद पुणे पुलिस को भी जांच के लिए आवेदन देंगे। फिलहाल ब्रह्मपुरा से गई पुलिस टीम को पुणे हिंजवडी पुलिस ने कहा है कि वह पुणे छाेड़ने के पहले थाने काे सूचित करे। कविता का श’व 3 बजे पुलिसलाइन पहुंचा। श’व देख महिला सिपाही बिलख-बिलख कर राे पड़ीं। दूसरी तरफ ऑन ड्यूटी महिला कां’स्टेबल का श’व पहुंचने के समय किसी वरीय अधिकारी के नहीं हाेने पर उनलोगों ने गहरी ना’राजगी जताई। परिजन श’व लेकर लौटने की बात करने लगे। पुलिस मेंस एसोसिएशन ने एसएसपी, नगर डीएसपी व ब्रह्मपुरा थानेदार को सूचित किया। कुछ देर बाद एसएसपी जयंत कांत, नगर डीएसपी रामनरेश पासवान, थानेदार समेत कई अन्य पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे। उसके बाद कविता कुमारी को अंतिम स’लामी दी गई। अधिकारियाें ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
