पटना. बिहार में महागठबंधन की सरकार बनते ही अपराधियों का बोलबाला भी बढ़ गया है, ये आरोप बीजेपी महागठबंधन के साथ नीतीश कुमार की सरकार पर लगातार लगा रही है जो कि अब सच साबित होता दिखाई दे रहा है. मामला राजधानी पटना में लूटपाट से जुड़ा है. दरअसल पटना में एम्स-दीघा एलिवेटेड रोड पर अपराधियों ने हथियार के बल पर तांडव मचाया है. एक के बाद एक लूट की तीन घटनाओं को अपराधियों ने अंजाम दिया और पुलिस कुछ नहीं कर पाई.

इस घटना के बाद दो थानों की पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही. रूपसपुर और खगौल थाना की पुलिस एक दूसरे का एरिया होने का मामला थोपती रही. हालांकि डायल 112 यहां पहुंची लेकिन जब संबंधित थानों से संपर्क किया तो खगौल और रूपसपुर एक दूसरे का एरिया होने का विवाद खड़ा कर दिया. बताया जाता है कि घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों ने एक मोटरसाइकिल लूट लिया और पैसे भी लूट लिए जबकि एक ऑटो चालक से भी लूटपाट की.
अपराधियों ने ऑटो पर बैठे सवारियों के साथ भी हथियार के बल पर और कीमती सामान लूट लिए. लूटपाट का शिकार हुए रोशन कुमार और सचिन कुमार है समस्तीपुर के रहने वाले हैं. हैदराबाद से लौटे विनोद दानापुर रेलवे स्टेशन से और दो अपने घर जाने के लिए लिए ऑटो लिए थे और एलिवेटेड रोड की तरफ से जा रहे थे. अपराधियों ने ऑटो रुकवाया ऑटो चालक और यात्रियों से मारपीट किया साथ ही बत्तीस सौ रुपए और दो मोबाइल लूटकर फरार हो गये.

सीतामढ़ी के रामनगर के रहने वाले मनीष कुमार जो मोटरसाइकिल से एलिवेटेड रोड से जा रहे थे उसे हथियार के बल पर पहले रुकवाया और उसके पास से दस हजार रुपए लूट लिए, वहीं फुलवारीशरीफ निवासी जमालुद्दीन अंसारी जो कि अपने दोस्तों के साथ मरीन ड्राइव घूमने जा रहे थे इसी दौरान अपराधियों ने मोहम्मद जलालुद्दीन अंसारी को रुकवाया और हथियार के बल पर मारपीट किया बाइक और मोबाइल लूट लिया और फरार हो गए.

इस घटना के बाद सूचना डायल 112 पर दी गई जिसके बाद डायल 112 तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की तफ्तीश में जुट गई. जब घटना को लेकर थाना से बात किया एक थाना ने दूसरे थाना पर अपना पल्ला थोप दिया.
डायल 112 की पुलिस भी थाना से संपर्क करने में परेशान रही. बाद में वरीय अधिकारी के निर्देश पर पटना के रूपसपुर थाना मामला दर्ज किया गया.


